अमृतपुर। गंगा का जलस्तर 10 सेमी बढ़ने से फिर चेतावनी बिंदु के पार पहुंच गया है। इससे खेतों में पानी भरने से खड़ी धान व गन्ने की फसल पर संकट गहराने लगा है। गांवों की ओर बाढ़ के पानी का रुख बढ़ने से ग्रामीणों चिंतित हैं।
गंगा के जलस्तर में करीब एक माह से हो रहे उतार-चढ़ाव से ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 10 सेमी बढ़ने से 136.55 मीटर से बढ़कर 136.65 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। नरौरा बांध से गंगा में 96287 क्यूसेक पानी छोड़ा है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों की ओर फिर पानी जाने लगा है। रास्तों व खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में भी दिक्कत है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर घटने-बढ़ने से गन्ना व धान की फसल प्रभावित हो रही है। गन्ना की फसल में इन दिनों किल्ला निकल रहा है। ज्यादा दिनों तक पानी भरा रहने से किल्ला खराब हो जाएगा। इससे उत्पादन भी घटेगा। वहीं धान की फसल नष्ट हो जाएगी। राम गंगा का जलस्तर 5 सेमी बढ़कर 134,85 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 5948 क्यूसेक पानी छोड़ा है।