अमृतपुर क्षेत्र में नाला सोता को नाव से पार करते गांव मंझा के ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी गांव मंझा को जाने वाले रास्ते पर भर गया है। इससे वहां के ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। गंगा की रेती में तैयार सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने से नष्ट हो गई है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुुआ है।
नरौरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा के किनारे बसे गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कास्थ्य, तीसराम की मड़ैया, मंझा, करनपुर घाट आदि गांव के ग्रामीणों ने गंगा की रेती में तरबूज, लौकी, करेला, खरबूजा, आदि की फसल की है।
ग्रामीण आलोक, अल्लादीन, सुरेश, रामऔतार, अबधेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने से फसलों में पानी भर गया है। लाखों रुपये की फसल नष्ट हो गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से गंगा सोता नाला में जल ज्यादा हो जाने से मंझा के ग्रामीणों आने जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना कि आठ माह पूर्व गंगा में बाढ़ आने रास्ता बंद हो गया था।
तब से अभी तक सोतानाला में पानी कम न होने से नाव से ही आवागमन करते है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि नरौरा बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर निम्न बिंदु से भी नीचे है।