फर्रुखाबाद। बसपा नेता अनुुपम दुबे के भाई डब्बन की गिरफ्तारी पर मानवाधिकार आयोग ने एसपी को नोटिस भेजकर रिपोर्ट मांगी है। एसपी को राजपत्रित अधिकारी से जांच करवाकर 11 अक्तूबर तक रिपोर्ट भेजने के आदेश हैं।
अनुराग दुबे उर्फ डब्बन को 24 सितंबर को एसओजी ने जनपद अयोध्या के एक आश्रम से पकड़ लिया था। डब्बन की पत्नी अर्चना दुबे ने उसी दिन मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजा था। इसमें बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता रहे ससुर महेश चंद्र दुबे ने तत्कालीन एसपी जीएल शर्मा के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में मारपीट व गालीगलौज का मुकदमा दायर किया था। सीजेएम ने एसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। एसपी को
कोर्ट में आत्मसमर्पण कर जमानत करानी पड़ी थी। तभी से पुलिस जेठ अनुपम दुबे से रंजिश मानती है। एसपी अशोक कुुमार मीणा एक भूमाफिया के इशारे पर झूठे मुकदमे लिखवा रहे हैं। गिरफ्तारी के 10 दिन पहले से पति (डब्बन) लखनऊ में रह रहे थे। राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य ओपी दीक्षित ने एसपी से अनुराग दुबे की गिरफ्तारी की जांच राजपत्रित अधिकारी कराकर रिपोर्ट मांगी है।