कमालगंज। बम-बम भोले चलते जा, शंभू का स्मरण करते जा। जय शिव शंकर, जय शृंगीऋषि। शिव के द्वारे चले कंवड़िया- भोले के द्वारे चले कंवड़िया, जय हो तेरी विश्वपुरारी नीलकंठ हो त्रिपुरारी। देवाधिदेव महादेव के ऐसे ही भजन गाते हुए कांवड़ यात्रियों की टोलियां अपने क्षेत्र के शिवालयों के लिए रवाना होती रहीं। सावन के पहले सोमवार के लिए शिवभक्तों की इस बार ऐसी भीड़ उमड़ी कि दो रातों से तीर्थनगरी शृंगीरामपुर सोई भी नहीं।
शृंगीरामपुर में चार दिन पहले शुरू हुए कांवड़ मेले में रविवार रात ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी। पूरी रात शिव भक्तों का तांता लगा रहा। विश्रांतों के पास भंडारा स्थल के आगे गंगा स्नान के लिए जगह कम पड़ गई। कांवड़ों को सजाने और जल भरकर टोलियां महादेव की भक्ति के उल्लास में डूबते हुए रवाना होती रहीं। मेला क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में शिव भक्त ही नजर आ रहे थे। दुकानदारों ने बताया कि पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए कांवड़ यात्रियों की इतनी अधिक भीड़ इससे पहले कभी नहीं रही। दो रातों से भीड़ के कारण दुकानदार सोए नहीं। दनादन बिक्री हुई।