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आवास व शौचालय की मांग को बाढ़ पीड़ितों से बीडीओ कार्यालय घेरा

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शमसाबाद विकास खंड कार्यालय में प्रदर्शन करते कटरी तौफीक के ग्रामीण। - फोटो : FARRUKHABAD
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बाढ़ग्रस्त गांव कटरी तौफीक के ग्रामीणों ने आवास व शौचालय की मांग को लेकर बीडीओ कार्यालय का बुधवार सुबह घेराव कर दिया। प्रधान व सचिव पर भेदभाव करने और विकास कार्य न कराने का आरोप लगाकर नारेबाजी की। साथ ही मांग पूरी न होने पर कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। बीडीओ ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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गांव कटरी तौफीक प्रत्येक वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है। यहां के लोगों की स्थिति दयनीय है। वहां लोगों को प्रधानमंत्री आवास व शौचालय भी नहीं मिले हैं। इससे गुस्साए पुरुष व महिलाएं बुधवार सुबह ट्रैक्टर-ट्राली से विकास खंड कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने बीडीओ कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी।
सभी प्रधान व सचिव पर आवास व शौचालय न देने का आरोप लगते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान बीडीओ अपने कार्यालय में नहीं थे। इस पर एडीओ पंचायत राकेश चंद्र कार्यालय से बाहर निकल कर आए और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को शांत किया। इस पर प्रदर्शनकारी शांत होकर वहीं बैठ गए।
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प्रदर्शन करने वालों में शारदा पत्नी सिपाहीराम, रामदेवी पत्नी भइया लाल, रीता पत्नी नंदराम, रीमा पत्नी ओमपाल, रमना पत्नी रामविलास, देवकी पत्नी चोखेलाल, हसमुखी पत्नी स्व. अशोक, शिवरानी पत्नी महेश, बबूराम, धर्मपाल, राकेश, मनोज, छविराम, बलमुकुंद, मोरपाल आदि रहे। प्रधान दीपिका राजपूत ने बताया कि वर्ष 2011 की बीपीएल सूची के अनुसार लोगों को आवास योजना का लाभ दिया गया है।
224 पात्रों की सूची आवास व शौचालय के लिए भेजी गई है। उसके मंजूर होने पर अन्य लोगों को भी लाभ मिलेगा। अपात्रों को लाभ देने और भेदभाव के आरोप गलत हैं। दोपहर को बीडीओ राजीव लोचन मिश्रा ने खंड कार्यालय पहुंच कर ग्रामीणों की समस्या सुनी। बीडीओ ने कहा कि यदि किसी अपात्र को आवास मिला है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण चले गए।
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