जिले में हाट कुक्ड योजना ठीक तरह से परवान नहीं चढ़ पा रही है। एनजीओ
के हाथ में हाट कुक्ड योजना चले जाने से बच्चों को इसका ठीक तरह से लाभ
नहीं मिल पा रहा है। ब्लाक अमृतपुर और ब्लाक राजेपुर में स्थित आंगनबाड़ी
केंद्रों की पड़ताल में यह बात सामने आई।
कहीं खाना बंटा नहीं तो कहीं केंद्र बंद
ब्लाक कमालगंज क्षेत्र के गांव रजीपुर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में
बच्चों को दो दिन से हाट कुक्ड नहीं बांटा जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री
उषा देवी ने बताया कि उनके यहां 60 बच्चे पंजीकृत हैं। मंगलवार को 13
बच्चे ही आए। सहायिका रंजना कुमारी ने बताया कि न तो सोमवार को हाट कुक्ड
बांटा गया और न ही मंगलवार को आया।
उधर, आंगनबाड़ी केंद्र बरिया नगला
में मात्र 15 बच्चे आए थे। इनको हाट कुक्ड में खिचड़ी दी गई। कार्यकत्री
जशोदा देवी ने बताया कि खिचड़ी की क्वालिटी अच्छी नहीं थी। सहायिका पुष्पा
देवी ने बताया कि 40 बच्चे केंद्र पर पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्र सबलपुर
दोपहर 12.15 बजे बंद था। आसपास धूप सेंक रहे ग्रामीणों ने बताया कि यह
केंद्र कभी-कभार ही खोला जाता है। करीब तीन-चार दिनों से यह आंगनबाड़ी
केंद्र खोला नहीं जा रहा है।
मानक के अनुसार नहीं मिल रहा भोजन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर मंगलवार को हाट कुक्ड योजना के तहत बच्चों को दी गई
खिचड़ी घटिया थी। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना था कि एनजीओ ठीक तरह से
मानक के अनुसार हाट कुक्ड वितरित नहीं कर रही हैं। तहसील अमृतपुर क्षेत्र
के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को गर्मागर्म भोजन देने की जिम्मेदारी
एनजीओ उज्ज्वल समिति साहिबाबाद गाजियाबाद को दी गई है।
लेकिन बच्चों को
दिया जाने वाला हाट कुक्ड मानक विहीन है। समय से पहुंच भी नहीं रहा है।
आसमपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर खिचड़ी भेजी गई लेकिन मात्रा काफी कम होने से
कुछ बच्चों को मिल भी नहीं पाई। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुषमा देवी ने बताया
कि मात्र तीन किलो खिचड़ी दी गई, जिससे सभी बच्चों को मिल भी नहीं सकी।
खिचड़ी भी घटिया थी।
कुछ बच्चों ने इसे खाने से मना कर दिया। बलीपट्टी
आंगनबाड़ी केंद्र बंद था। आंगनबाड़ी कार्यकत्री के घर पर खिचड़ी पहुंचाई
गई। नगला हूसा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्री सुमनलता ने बताया कि काफी
घटिया किस्म की खिचड़ी दी गई। सीडीपीओ सुनीता उपाध्याय ने बताया कि एनजीओ
द्वारा दिए जाने वाले हाट कुक्ड की जांच करवाई जाएगी।