अमृतपुर तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने सबलपुर गांव में अपात्र 150 पट्टों
को निरस्त करने का फरमान सुनाया है। उन्हाेंने कहा कि ग्राम समाज की भूमि
की पैमाइश कराकर उस पर वृक्षारोपण करवाएं। इस दौरान 36 प्रार्थना पत्र आए।
इनमें से 12 फरियादियों को मौके पर राहत मिली। सदर तहसील में
प्रार्थनापत्रों का पंजीयन न होने से फरियादियाें में नाराजगी रही।
मंगलवार
को जिलाधिकारी एनकेएस चौहान की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया
गया। इस दौरान पांच बिजली, 12 नाली, खड़ंजा व सड़क आदि, एक पीडब्लूडी
विभाग, एक बीएसएनएल विभाग, सात राजस्व विभाग और सात पुलिस से संबंधित
शिकायती प्रार्थना पत्र आए। जैनापुर के कुंवरपाल सिंह ने चकरोड से कब्जा
हटवाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने
एसडीएम लालजी मिश्रा को निर्देश
दिए कि चकरोड से संबंधित अगर दोबारा कोई शिकायत आई तो लेखपाल के विरुद्घ
कार्रवाई करें। उन्होंने लेखपालों को टीम बनाकर पैमाइश करवाने के आदेश दिए ।
उन्होंने कहा कि गांव सबलपुर में अपात्र पाए गए 150 ग्रामीणों के पट्टे
निरस्त किए जाएं और ग्राम समाज की जमीन की पैमाइश कराकर उस पर पौधरोपण
करवाएं।
थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि अराजकतत्वों के खिलाफ 151 व 107/16
की कार्रवाई करें। पीडब्लूडी के एक्सईएन विनय पचौरिया को आदेश दिए कि जो
लोग रोड के किनारे अतिक्रमण किए हैं उन पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूलें। इस
अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार,
तहसीलदार संजीव ओझा, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी योगराज सिंह और खंड
शिक्षाधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी आदि मौजूद रहे।
सदर तहसील दिवस में
बिना पंजीकरण के प्रार्थना पत्र जमा करने का खेल जारी है। रसीद के लिए
फरियादी गिड़गिड़ाएं या फिर आंखें तरेरें इसका लिपिक पर प्रभाव नहीं पड़ता
है। सुनवाई करने वाले अधिकारी भी ध्यान नहीं देते हैं। मंगलवार को भी तमाम
लोगों ने बगैर पंजीकरण के ही प्रार्थना पत्र तहसील दिवस में अफसरों को दिए।
उन्होंने कहा कि तहसील दिवस की मोहर लगाकर पंजीकरण व क्रमांक रसीद नहीं दी
गई। तहसील दिवस में 75 प्रार्थना पत्र आए। छह का निस्तारण कर दिया गया। शासन
का फरमान है कि तहसील दिवस में आने वाले प्रार्थना पत्रों का पंजीकरण करना
आवश्यक है। इतना ही नहीं आनलाइन व्यवस्था से निस्तारण संबंधी जानकारी पाना
भी फरियादी का हक है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।
मंगलवार कोे उप
जिलाधिकारी सुनील वर्मा ने शिकायतें सुनीं। जयनरायन वर्मा रोड के पूर्व
सैनिक उदयवीर सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर जमीन से कब्जा हटवाने की मांग
की। कहा कि प्रार्थना पत्र की कोई रसीद व क्रमांक भी नहीं दिया गया।
हरकमपुर के राजाराम और वीरेंद्र सिंह ने आवास दिलाने की मांग की। उन्होंने
शिकायत की कि उन्हें भी रसीद नहीं दी गई।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम बीडी
वर्मा ने तहसील दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। पहाड़पुर ग्राम सभा
के मजरा नरायनपुर के ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में अनियमितताओं की
शिकायत की। इन्हाेंने बताया कि स्कूल में लगा हैंडपंप चार महीने से खराब
है। स्कूल में बाउंड्री नहीं है। प्रधान की दबंगई के कारण मिडडे मील भी
सुचारु रूप से नहीं बन रहा है। कंपिल क्षेत्र के गांव अकबरपुर निवासी लज्जा
सिंह ने पट्टे की पैमाइश कराने की मांग की।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव नगला
सेठ निवासी ज्ञानेश ने पशु चिकित्साधिकारी पर ठगी करने और जान से मारने की
धमकी देने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की। लोहिया गांव
शाहपुर निवासी शिशुपाल ने दलित बस्ती में सीसी सड़क और विद्युतीकरण न कराए
जाने का आरोप लगाया। कंपिल के गांव नरायनपुर निवासी शेरखां ने मोहल्ले के
मनचले युवकों द्वारा महिलाओं के साथ अभद्रता करने की शिकायत की।
डीएम बोले, दूध व्यापार से बने स्वावलंबी
जिलाधिकारी ने मंगलवार को गांव लायकपुर पहुंचकर मिनी कामधेनु डेयरी का
निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दूध का स्वाद लिया। उन्हाेंने ग्रामीणों
को प्रेरित किया कि डेयरी का व्यवसाय कर स्वावलंबी बनें।गांव लायकपुर
में प्रधान संजय सिंह ने मिनी कामधेनु योजना के अंतर्गत दूध डेयरी शुरू की
है। जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने दूध डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान
उन्होंने प्रधान से भैसों के बारे में पूछा।
प्रधान ने बताया कि आर्यावर्त
ग्रामीण बैंक से 50 लाख का लोन लेकर पंजाब प्रांत से 25 भैंसें खरीदकर लाए
हैं। प्रधान ने बताया कि प्रतिदिन डेढ़ सौ लीटर दूध का उत्पादन होता है।
इसे पराग दूध डेयरी पर 29 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर में सप्लाई कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने दूध का स्वाद भी लिया। डीएम ने कहा कि मिनी कामधेनु डेयरी
योजना के तहत ग्रामीण दूध डेयरी खोलें।
इस अवसर पर एसडीएम लालजी
मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार जादौन, जिला बेसिक
शिक्षाधिकारी योगराज सिंह, एक्सईएन विद्युत ग्रामीण अमर सिंह, बीडीओ
देवेंद्र सिंह चौहान, खंड शिक्षाधिकारी ज्ञानप्रकाश अवस्थी, डा. रमेश यादव
और पशुधन प्रसार अधिकारी उमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।