फर्रुखाबाद। कायमगंज सीएचसी के एल-2 अस्पताल में पर्याप्त बेड हैं। ऑक्सीजन की भी कमी नहीं है। पर, फ्लोमीटर के अभाव में मरीजों को आक्सीजन नहीं मिल पा रही है। बुधवार को एक संक्रमित मरीज एक घंटे तक एंबुलेंस में लेटा रहा, बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर डॉक्टर ने पुराने फ्लोमीटर पर टेपिंग कर ऑक्सीजन देना शुरू किया।
कायमगंज सीएचसी पर जिलाधिकारी ने 20 बेड का एल-2 अस्पताल संचालित करने का निर्देश दिया था। कुछ दिनों बाद बताया गया कि 10 बेड चालू कर दिए गए हैं। बुधवार को गांव नगला दमू निवासी 65 वर्षीय एक संक्रमित मरीज पहुंचा तो सारी व्यवस्था की पोल खुल गई। पता चला कि सात बेड पर ही ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। अस्पताल में अन्य 13 बेड व 20 ऑक्सीजन सिलिंडर भी हैं मगर ऑक्सी फ्लोमीटर नहीं हैं। इसलिए 13 बेड खाली पड़े हैं। इससे यहां सात मरीज ही भर्ती किए जा सकते हैं। बुधवार को एक मरीज आया, जिससे ऑक्सीजन की जरूरत थी। एंबुलेंस में मरीज एक घंटे तक लेटा रहा तो उसके पुत्र ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और बताया कि तीन दिन पहले भी वे पिता को यहां लेकर आए थे, तब फर्रुखाबाद के लिए रेफर कर दिया गया था। वहां भी उन्हें बेड नहीं मिला तो वे गांव वापस आ गए। अब जब हालत बिगड़ी तो उन्हें यहां लेकर पहुंचे हैं। यहां भी बेड नहीं मिल रहा है। बाद में मरीज को सीएचसी में बेड दिया गया और डॉक्टर ने एक पुराने लीक फ्लो मीटर में टेपिंग कर काम चलाया। इस मामले में डॉ. विपिन ने बताया कि ऑक्सी फ्लोमीटर पूरे न होने से 13 बेड खाली पड़े हैं। इसलिए यहां एक बार में केवल सात मरीज भर्ती करने की क्षमता है। नगला दमू के मरीज को बाद में भर्ती कर लिया गया।