होम्योपैथिक अस्पताल में रखा बोर्ड।
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लोहिया गांव किराचन में किराए के मकान में संचालित होम्योपैथिक अस्पताल बंद हो गया है। इसका सिर्फ बोर्ड लगा है। गांव के लोगों ने डॉक्टर व कर्मचारियों को कई महीनाें से नहीं देखा है। अस्पताल बंद होने से कई गांवों के बीमार लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
लोहिया गांव किराचन निवासी पूर्व प्रधान बाबू सिंह यादव के आवास में किराए पर एक कमरे में होम्योपैथिक अस्पताल संचालित है। इसका बोर्ड आवास के बाहर लगा है। ग्रामीण शैलेंद्र सिंह यादव, रामकिशोर, राजेश कुमार, संतोष सिंह, अशोक कुमार, उमेशचंद्र और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि डाक्टर और कर्मचारियोें के न आने के कारण अस्पताल कई महीनों से बंद पड़ा है। इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। अस्पताल बंद होने से छोटी-मोटी बीमारियों की दवा नहीं मिल पाती।
होम्योपैथिक अस्पताल को संचालित कराने के लिए विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण अस्पताल बंद पड़ा है।
राधा यादव, प्रधान
होम्योपैथिक अस्पताल बंद होने की जानकारी नहीं है। इसको दिखवाया जाएगा। अगर डाक्टरों के न आने के कारण अस्पताल बंद है तो डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
हवलदार सिंह, एसडीएम अमृतपुर