सीओ एके रावत और एसडीएम बीडी वर्मा होलिका दहन भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान
एसपी ने सीओ से किसी घटना की बाबत जानकारी की। सीओ ने बताया कि कोतवाल
अपने आवास पर सो रहे हैं। इस पर एसपी विजय यादव और डीएम एनकेएस चौहान
कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने कोतवाल एके सिंह परिहार को बुलवाया तो वह आवास
से बाहर नहीं आए। बाद में सीओ को कोतवाल के आवास भेजा गया। वह कोतवाल को
साथ लेकर आए।
अफसरों ने उनको फटकार लगाई तो वह उनसे उलझ गए। एसपी ने
उन्हें नशे में बताते हुए सीओ को डाक्टरी परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वह आत्म त्या कर लेंगे और दोनों अधिकारियाें के नाम
सुसाइड नोट लिख देंगे। कोतवाल की धमकी से अधिकारी सहम गए। कोतवाल आफि स से
निकल कर अपने आवास की ओर भाग गए। उनके पीछे अधिकारी और कर्मचारी आवास तक
गए। आवास जाकर वह डाक्टरी कराने के लिए सीएचसी चल दिए।
उन्हें गाड़ी में
बैठाकर सीएचसी ले जाया गया। यहां डाक्टर राजीव शाक्य ने उनका परीक्षण किया।
इसमें अल्कोहल के लक्षण नहीं पाए गए। इधर एसपी ने उन्हें तत्काल लाइन
हाजिर करते हुए नेम सिंह गंगवार को कोतवाली का चार्ज दे दिया। देर रात ही
नेम सिंह ने आकर चार्ज संभाल लिया। एसपी विजय यादव ने बताया कि डाक्टरी
परीक्षण में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई थी। कोतवाल एके परिहार को लाइन
हाजिर कर दिया गया है।