रूपापुर चीनी मिल के गन्ना खरीद केंद्र पर तौल के बाद काश्तकारों को पर्ची न
मिलने से गुस्साए काश्तकारों ने हंगामा करते हुए फैजबाग-शमसाबाद
मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान काश्तकारों ने रूपापुर चीनी मिल जा
रहे तीन ट्रकों को कब्जे में कर गल्ला मंडी शमसाबाद में खड़ा करवा लिया।
काश्तकारों का कहना है कि सेंटर के सचिव ने पर्ची नहीं दी। इस दौरान उनका
तबादला हो गया। पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाया। पुलिस की सूचना पर चीनी मिल
के अफसर शमसाबाद के लिए
रवाना हो गए। समाचार लिखे जाने तक काश्तकारों ने
ट्रक नहीं छोड़े थे और रूपापुर चीनी मिल के अफसर भी नहीं आए थे।
रूपापुर
चीनी मिल ने गांव बिरियाडारा में गन्ना खरीद केंद्र खोला है। 25 जनवरी को
शमसाबाद क्षेत्र के करीब आधा दर्जन काश्तकारों ने करीब 525 क्विंटल गन्ना
खरीद केंद्र पर तौला। काश्तकारों का कहना है कि केंद्र सचिव अभिराम सिंह ने
उन्हें तौल की पर्ची बाद में देने की बात कहते हुए गन्ना रूपापुर चीनी मिल
भेज दिया।
जब रूपापुर चीनी मिल में जाकर उन लोगों ने गन्ने का भुगतान
मांगा तो वहां तौल की पर्ची मांगी गई। 27 जनवरी को सचिव अभिराम सिंह का
तबादला हो जाने से पर्ची नहीं मिल सकी। इससे गुस्साए काश्तकारों ने बुधवार
दोपहर फैजबाग-शमसाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। काश्तकारों ने चीनी मिल जा
रहे गन्ना लदे तीन ट्रकों को गल्ला मंडी शमसाबाद में खड़ा करवा लिया।
जाम
की सूचना पर एसओ प्रदीप यादव फोर्स के साथ पहुंचे। एसओ ने समझाकर जाम
खुलवाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि तौल की पर्ची दिलाई जाएगी। एसओ प्रदीप
यादव ने रूपापुर चीनी मिल के अफसरों को घटना से अवगत कराया। एसओ ने बताया
कि रूपापुर चीनी मिल के अफसर शमसाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं
काश्तकारों का कहना था कि जब तक उन्हें गन्ना तौल की पर्ची नहीं मिलेगी,
तब
तक ट्रकों को नहीं छोड़ेंगे। समाचार लिखे जाने तक रूपापुर चीनी मिल से
अधिकारी नहीं आए थे। जाम लगाने वालों में काश्तकार योगेंद्र सिंह, गजराज
सिंह, गंधर्व सिंह, होशियार सिंह, पवन सिंह और दयानंद यादव आदि ग्रामीण
शामिल रहे।