दीप संस्था के कार्यक्रम में बोलती गीता भारद्वाज।
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हिंदी पखवाड़ा के तहत काव्य एवं साहित्यिक गोष्ठी में मुख्य अतिथि अधिवक्ता सुधीर शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। अन्य भाषाओं में हिंदी सबसे सरल और सुलभ है। कवियों ने पंक्तियों के माध्यम से हिंदी की खासियतें और उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
दीप संस्था के तत्वावधान में डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता सभागार में साहित्यिक गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ. रामबाबू मिश्र ने कहा कि आज शपथ लेने की जरूरत है कि बच्चों को हिंदी भाषा से ही शिक्षा दिलाएं। बैंक हो या कोर्ट हर जगह हिंदी में ही दस्तखत करें। काव्यगोष्ठी का शुभारंभ रचनाकार प्रीती तिवारी की सरस्वती वंदना से हुआ।
ब्रजकिशोर सिंह, दिनश अवस्थी, वैभव सोमवंशी, मुदित टंडन, प्रेमसागर कुतलूपुर, गीता भराद्वाज, दिलीप कश्यप, उपकार मणि, निमिष टंडन ने काव्य की गंगा बहाई। निमिष टंडन ने संस्था के नवनिर्वाचित सचिव राजगौरव पांडेय की नियुक्ति की घोषणा की। संचालन महेश पाल सिंह ने किया।