फर्रुखाबाद। डॉक्टर का मनमाने तरीके से किए गए स्थानांतरण पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इससे सीएमओ का स्थानांतरण आदेश फिलहाल निष्प्रभावी हो गया है।
शासन से स्थानांतरण नीति आने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग में तबादला एक्सप्रेस चल गई। 21 दिन में डॉक्टरों का चार बार स्थानांतरण आदेश बदला गया। 15 मई को जारी स्थानांतरण आदेश में डॉ. नीरज कुमार को जिला जेल से स्थानांतरित कर नवाबगंज सीएचसी का प्रभारी बना दिया। यहां तैनात सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश शर्मा को केंद्रीय कारागार भेजा। जबकि डॉ. विजय अनुरागी को केंद्रीय कारागार से जिला कारागार स्थानांतरित किया गया है। बार-बार तबादले से तंग आकर डॉ. नीरज कुमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। इस पर न्यायालय ने 15 मई के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है। डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि बार-बार स्थानांतरण कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। मजबूरीवश उन्हें उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।