फर्रुखाबाद। नाला मछरट्टा से पक्कापुल जाने वाली सड़क के नीचे करीब 12 फीट गहरे भूमिगत नाले पर पड़े कई जाल टूटे हैं। स्लेब की सरिया दिख रही हैं। इससे वाहनों के टायर फट रहे और पैदल राहगीर घायल हो जाते हैं। गुदड़ी मस्जिद के सामने कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शहर में ब्रिटिश काल के दौरान नाला मछरट्टा, सेनापति मोड़, खड़ियाई, गुदड़ी होकर पक्के पुल तक बना भूमिगत नाले पर पड़ी स्लैब और जाल जर्जर हैं। सेनापति मोहल्ले के मोड़ के पास एक स्लेब की कई सरिया कई महीने से बाहर निकलकर दिखने लगी हैं। इनसे गुजरते चौपहिया वाहनों, बाइकों के टायर कई बार सरिया से फट रहे हैं। यही नहीं अंधेरे में निकलने वाले पैदल लोग भी चुटहिल हो रहे हैं। खड़ियाई मोड़ के पास एक लोहे का जाल टूटकर बेतरतीब हो गया है। रात में निकलने वाले वाहन दुर्घटना के शिकार होते हैं।
गुदड़ी मस्जिद गेट के ठीक सामने पिछली साल लोहे का नया जाल डाला गया था। इससे सटकर पड़ी सीमेंट की स्लैब की गुणवत्ता खराब होने की वजह से टूटकर नाले में धंस गई। इसके बाद से छोटे बड़े वाहन वहां से नहीं निकल पा रहे। ऐसे में लोग किनारे से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इसकी मरम्मत न होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, चंद कदम दूर मोड़ पर एक जाल का काफी हिस्सा टूट गया। वहां से भी लोगों को निकलने में दिक्कत है। इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।