ग्राम्य विकास विभाग की नीतियों से पंचायती राज विभाग की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। इस कारण पंचायती राज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने अधिकारों को बचाने के लिए 10 जून को जिला मुख्यालय और 17 जून को लखनऊ स्थित लक्ष्मण मेला मैदान में एक दिवसीय धरना देंगे। इसको लेकर शनिवार को रणनीति बनाई गई।
शनिवार को फतेहगढ़ स्थित एक होटल में डीपीआरओ गिरीशचंद्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रजनीकांत त्रिवेदी ने कहा कि मनरेगा योजना बहुत महत्वपूर्ण थी। लेकिन ग्राम्य विकास विभाग ने इसे फेल कर दिया है। 14वें वित्त में विकास कार्य के लिए धनराशि सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में जाने का नियम बनाया गया है। इससे ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी परेशान हैं। अब वे 14वें वित्त को विफल करने की कवायद में जुटे हैं।
ग्राम्य विकास विभाग के पास खुद के अधिकारी और कर्मचारी हैं। मगर वे पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से अपने काम कराते हैं। इससे पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में एडीपीआरओ किरन वर्मा, राकेश सिंह, शिवराज सिंह, रामानंद मिश्र, शैलेंद्र त्रिपाठी, हरिश्चंद्र बाथम, सुरेंद्र सिंह, विनय, अजीत, आदेश, सुभाष, कपिलदेव त्रिपाठी, सतीश सुमन, सत्यनारायन मौजूद रहे।