फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में मरीजों को ठंड से बचाने के लिए खरीदे गए रूम हीटरों का लुत्फ कर्मचारी उठा रहे हैं। वहीं तीमारदार अपने घर से मरीज के लिए हीटर लेकर आते हैं।
अस्पताल में करीब 15 दिन पहले 12 रूम हीटर खरीदे गए थे। मंशा थी कि वार्डों में भर्ती मरीजों को इन हीटरों के जरिए ठंड से राहत मिल सके लेकिन स्थिति कुछ अलग है। मंगलवार साढ़े 11 बजे यहां तीन कर्मचारी हीटर के सामने बैठे ठंड दूर करते दिखे। वहीं वार्डों में भर्ती मरीजों को इन हीटरों का कोई फायद नहीं मिल रहा है। हरदोई के हरपालपुर निवासी वृद्ध श्रीपाल के कूल्हे का ऑपरेशन 18 दिसंबर को हुआ है। उनके परिजनों ने बताया कि बाजार से 1100 रुपये में हीटर खरीदा। जिसे श्रीपाल के पास लगाया है।
मोहम्मदाबाद के वनपोई के सत्यभान 27 दिसंबर को दुर्घटना में घायल हुए थे। तब से भर्ती हैं। बताया कि रात में सर्दी अधिक लगती है। घर से लाए कंबल ऊपर डाल लेते हैं। अभी तक हीटर नहीं मिला है।
विजाधरपुर के बुजुर्ग राजकुमार रविवार को दोबारा भर्ती हुए। बताया कि 10 दिन पहले भी भर्ती थे। उन्होंने भी हीटर न मिलने की शिकायत की। कहा कि उनके पास पैसे होते, तो बाजार से मंगवा लेते। सर्दी लगती है, तो सह रहे हैं। कहने पर भी अस्पताल से उन्हें हीटर नहीं मिला।
हीटर की किस मरीज को जरूरत है, यह डॉक्टर तय करेगा। किसी मरीज को बाजार से हीटर लाना पड़ा। इसकी जानकारी नहीं है। दिन में कर्मचारी हीटर जलाते हैं, यह ठीक नहीं है। इस मामले को दिखवाऊंगा।’
- डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
फर्रुखाबाद। कड़ाके की ठंड के बाद भी नगर पालिका ने अलाव बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी। अभी भी वही सात स्थानों पर ही अलाव जलाए जा रहे हैं। रात के वक्त राहगीरों व घुमंतुओं ठिठुरन से परेशान हैं।
रोडवेज बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए 30 बेड का रैन बसेरा बनाया गया है। इनमें 18 चारपाई बरामदे में टेंट लगाकर डाली गई हैं। बंदरों ने आधे से ज्यादा टेंट फाड़ दिया। लिहाजा लेटने वाले लोग सर्द हवाओं के बीच रात काटने को मजबूर हैं। नगर पालिका ने इसे सही कराने की जरूरत नहीं समझी। ईओ रविंद्र कुमार ने बताया कि टेंट स्वामी से बदलने को कह दिया है।
घर से लाए हीटर से तापते लोहिया अस्पताल के वार्ड में भर्ती श्रीपाल। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD