अमृतपुर। कैमरे लगाते समय तेंदुए की दहाड़ सुनकर वन विभाग के कर्मचारियों के होश उड़ गए। इससे कैमरे लगाने का काम बंद कर दिया। हालांकि बुधवार तक 25 नाइट विजन कैमरे लगाए जाने की बात विभाग ने कही है। टीम को कांबिंग के दौरान पंजों के नए निशान नही मिले है। ग्रामीणों में दहशत है।
तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में कई दिनों से तेंदुए का आतंक है। इसे पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी प्रयास कर रहे हैं। अब तक कामयाबी नहीं मिली है। तेंदुए को पकड़ने के लिए मुख्य वन संरक्षक अधिकारी केके सिंह व डॉ. आरके सिंह ने भी डेरा डाल रखा है। मंगलवार को गांव पहुंच कर पंजे के निशान देखे थे। ग्रामीणों से भी जानकारी ली थी। पहचान के लिए नाइट विजन कैमरे लगाने का भी काम शुरू हो गया था। मंगलवार शाम 6 बजे वन विभाग के कर्मचारी कैमरा लगा रहे थे, तभी तेेंदुए की दहाड़ सुनाई दी। इससे ग्रामीण व वन विभाग के कर्मचारी घबरा गए। कैमरे लगाने का काम बंद कर दिया गया। तब तक 11 कैमरे ही लगाए जा सके थे।
बुधवार सुबह मुख्य वन संरक्षण अधिकारी केके सिंह, डीएफओ पीके उपाध्याय ने क्षेत्रीय वन अधिकारी व अन्य कर्मचारियों के साथ गांव पहुंच कर कांबिग की। इस दौरान शेर या तेंदुआ के पंजों के कोई नए निशान नहीं मिले है। टीमें लगी हुई हैं। डीएफओ ने बताया है कि जो कैमरे लगाए गए थे उनमें सियार व एक गोवंश का ही फुटेज मिला है। बुधवार तक 25 कैमरे लग गए है। जो भी जानवर होगा वह जल्द पकड़ में आ जाएगा।