नवाबगंज। गांव कढ़ियूली में बुखार की चपेट में आने से आठ वर्षीय बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद टूट गई। विभाग की टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और निरीक्षण किया। करीब 50 लोग बुखार से पीड़ित मिले। इसके अलावा दो अन्य गांवों को टीम ने निरीक्षण किया तो वहां भी बुखार पीड़ितों लाइन लगी थी। इस प्रकार तीन गांवों में करीब 115 लोग बुखार से पीड़ित मिले। इन सभी को दवा बांटी गई। 30 लोगों के खून की जांच को नमूना लिया गया।
गांव कढ़ियूली निवासी सुनील जाटव के आठ वर्षीय पुत्र शिवा को पांच दिन से बुखार आ रहा था। उसकी गुरुवार को मौत हो गई थी। इसकी जानकारी पर शुक्रवार को सीएचसी के डा. भानू प्रताप टीम के साथ गांव गए। उन्होंने गांव का निरीक्षण किया तो कई जगह गंदगी मिली। यहां 50 लोग बुखार से पीड़ित थे। इसमें बच्चों की संख्या सर्वाधिक थी। टीम के लोगों ने बुखार पीड़ितों को दवा बांटी और 15 लोगों के खून का नमूना लिया। इसके बाद टीम गणेशपुर गांव गई। यहां 25 लोग बुुखार से पीड़ित मिले। इनको दवा देने के बाद पांच लोगों के खून का नमूना जांच को लिया गया। टीम इसके बाद कुरार गांव पहुंची। वहां टीम को करीब 40 लोग बुखार से पीड़ित मिले। यहां 10 लोगों के खून का नमूना जांच के लिए लिया गया। डा. भानू प्रताप ने बताया कि गांवों में गंदगी से वायरल बुरी तरह फैला हुआ है। यह बुखार किस प्रकार का है इसकी जानकारी जांच के बाद हो सकेगी।