फर्रुखाबाद/अमृतपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगे मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में डॉक्टर गायब रहे। मरीजों को फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स ने देखकर दवाई दी। 1393 मरीजों के उपचार का दावा किया गया। सर्वाधिक बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित थे।
शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला लगा। नगरीय पीएचसी नवदिया में डॉ. सचिन कटियार ने 22 मरीज देखे। अधिकांश मरीज बुखार व शरीर दर्द के थे। अमृतपुर क्षेत्र की पीएचसी सबलपुर में डाॅक्टर व फार्मासिस्ट न होने से नर्स ने मरीज देखकर दवा दी। पीएचसी सबलपुर में करीब 60 मरीज पहुंचे, इनमें 25 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
स्टाफ नर्स रनसिंह ने बताया कि डॉक्टर व फार्मासिस्ट आए थे लेकिन कुछ देर रुककर निजी कार्य से चले गए। एएनएम माधुरी मिश्रा, वार्ड बॉय प्रशांत मौजूद रहे। पीएचसी जिठौली में डाॅ. पंकज कटियार, फार्मासिस्ट आलोक कटियार अन्य कर्मचारियों के साथ बाढ़ के पानी से निकलकर पीएचसी पहुंचे। वहां 20 मरीजों को देखकर दवाई दी। पीएचसी सरह में डाॅ. अनुप्रिया झा ने 70 मरीज देखे। वार्ड बॉय वीरपाल तिवारी मौजूद रहे।
पीएचसी अमृतपुर में बाढ़ प्रभावित गांव से 214 मरीज पहुंचे। बुखार से पीड़ित 82 मरीजों की टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, शुगर, बीपी आदि की जांच की गई। जांच में दो मरीज टाइफाइड पॉजिटिव निकले। डाॅ. गौरव वर्मा ने बताया कि बाढ़ की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुखार व खुजली के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
फार्मासिस्ट ने देखे 130 मरीज
फोटो-38 पीएचसी चिलसरा में मरीज देखते फार्मासिस्ट नरेंद्र राजपूत। संवाद
शमसाबाद। पीएचसी चिलसरा में डॉक्टर न आने से फार्मासिस्ट नरेंद्र राजपूत ने 130 मरीज देखकर दवाई दी। एलटी लोकेंद्र कुमार ने 10 मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र होने से खुजली के मरीजों की संख्या अधिक रही। वहीं, पीएचसी फैजबाग में डॉ. अमित कुमार ने 55 मरीज देखे। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने दवा दी। एलटी अलका ने 13 मरीजों की जांच की। यहां खांसी, जुकाम व खुजली से पीड़ित मरीज अधिक पहुंचे।
मोहम्मदाबाद। पीएचसी खिमसेपुर में डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट अमित मरीजों को देखकर दवा दे रहे थे। एलटी साहिल व प्रगति शाक्य ने मरीजों की जांच की। कुल 14 मरीज आए। पीएचसी धीरपुर में डॉ. प्रदीप ने 85 मरीज देखे। फार्मासिस्ट चरन सिंह ने दवा दी।