फर्रुखाबाद। राजेपुर में झोलाछाप से स्वास्थ्य विभाग के दलाल ने 50 हजार रुपये मांगे। दिव्यांग झोलाछाप ने दलाल के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
राजेपुर निवासी अनिल ने थाने में तहरीर दी। बताया कि कस्बे में उसका क्लीनिक है। दो दिन से सीएमओ ऑफिस का बाबू बताकर प्रभात नाम का व्यक्ति उसे फोन करता है। क्लीनिक बंद कराने की धमकी देता है। सात सितंबर को उसने प्रभात को फोन किया तो कहा कि डबरी रामगंगा पुल पर आओ। वह शाम पांच बजे पहुंचा तो प्रभात ने उससे 50 हजार रुपये मांगे। उसने रुपये देने से मना कर दिया। जानकारी करने पर पता चला कि प्रभात सीएमओ ऑफिस का दलाल है।
अनिल ने बताया कि वह दिव्यांग है। उसकी पत्नी स्टाफ नर्स है। कुछ दिन पहले डॉ. सरवर इकबाल उसकी क्लीनिक की जांच कर चुके हैं। तब उसने शपथपत्र भी दिया था। इसी के बाद जांच के नाम पर दलाल के फोन आने लगे। कथित दलाल की अनिल से फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी वायरल हो रही है, इसमें वह कह रहा है कि शिकायत निस्तारण का आज अंतिम दिन है। माथुर साहब बुला रहे हैं।
झोलाछाप उन्मूलन के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. आरसी माथुर ने कहा कि वह प्रभात नाम के व्यक्ति को जानते भी नहीं हैं। उन्हें तो एक दिन पहले ही झोलाछाप के खिलाफ जांच मिली है। इससे पहले यह जांच डॉ. सरवर इकबाल के पास थी। वहीं डॉ. सरवर इकबाल का कहना है कि नोडल अधिकारी होने से डॉ. आरसी माथुर को 29 अगस्त को ही जांच ट्रांसफर कर दी गई थी। सुनने में आया है कि प्रभात नाम का व्यक्ति एक विभागीय अधिकारी का निजी सहयोगी है।