फर्रुखाबाद। कायमगंज की ग्राम पंचायत बिल्हा के विकास कार्यों में 15 लाख का गबन करने के मामले में जिलाधिकारी ने प्रधान को बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही तीन सचिवों को निलंबित कर अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कायमगंज की विधायक डॉ.सुरभि ने 21 मई 2023 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत बिल्हा में मनरेगा से कराए गए विकास कार्यों में करोड़़ों रुपये का गोलमाल है। मनरेगा से वर्ष 2019-20 में 2.75 करोड़ से, वर्ष 2020-21 में 1.56 करोड़, वर्ष 2021-22 में 65 लाख और वर्ष 2022-23 में 1.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
इस पर डीएम ने डीसी मनरेगा, डीएसटीओ व सहायक अभियंता डीआरडीए से जांच कराई। कमेटी की जांच में ग्राम निधि के खाते से 17 लाख आठ हजार 701 रुपये और मनरेगा से 66 लाख 72 हजार 156 रुपये के गबन होने की पुष्टि हुई।
इसमें तत्कालीन प्रधान विनीता देवी के अलावा सचिव मुनीश यादव, कमल कुमार, संजीव गंगवार व जेई डीआरडीए राजीव गोयल दोषी पाए गए। इस पर सात दिसंंबर 2023 को वर्तमान प्रधान अरविंद कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
इसी के बाद जिलाधिकारी ने प्रधान के अधिकार सीज कर दिए। इस पर प्रधान ने जांच के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी ने 30 अप्रैल को मामले की दोबारा जांच जिला उद्यान अधिकारी को सौंप दी। मनरेगा के कार्यों की जांच परियाेजना निदेशक ने की। इसमें मनमाने ढंग से काम कराने और अनियमित भुगतान कर सरकारी धन के दुरुपयोग होने की पुष्टि की गई।
मनरेगा में 10 लाख 65 हजार 960 रुपये और वित्त आयोग में चार लाख 42 हजार 268 रुपये का दुरुपयोग पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कुल 15 लाख आठ हजार 228 रुपये के गबन में दोेषियों से वसूली के आदेश दिए। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने प्रधान अरविंद कुमार को बर्खास्त कर दिया।
उन्होंने डीडीओ व डीपीआरओ को गबन में दोषी तीनों सचिवों को निलंबित कर अनुशासनिक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने बताया कि प्रधान के अधिकार पहले ही सीज हो जाने से पिछले छह माह से ग्राम पंचायत बिल्हा में कमेटी गठित है।