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जो सनातन का नहीं, वह किसी काम का नहीं : राजूदास

Thu, 16 Oct 2025 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-15, रामलीला मैदान में आयोजित कवि सम्मेलन में बोलते महंत राजूदास। संवाद
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फर्रुखाबाद। अयोध्या के हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास ने रामलीला के समापन पर हुए काव्य समारोह में तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो सनातन का नहीं, वह किसी काम का नहीं है।
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बोले कि भारत के टुकड़े करने का सपना संजोए लोगों को धरती पर रहने का अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि वह संत हैं, लेकिन उन्हें असलहा वाले लोग पसंद हैं। सनातन का विरोध करने वालों को चौराहे पर ठोक देना चाहिए। बुधवार को रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महंत ने कहा कि आज सनातन धर्म सिमटता जा रहा है, इसके पीछे कारण है हिंदुओं का एकजुट न होना।
कहा कि हमें धर्म के प्रति कट्टर होना पड़ेगा। अगर कोई हिंदू धर्म के खिलाफ आवाज उठाए तो शस्त्र उठाओ और जवाब दो। भगवान भी धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र रखते थे। अब हिंदू धर्म की रक्षा के लिए घर में छुरी तक नहीं रख रहे।
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महंत ने कहा कि राक्षसों का वध करने के लिए शस्त्र आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के नौ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं, जो चिंता का विषय है। सनातन की रक्षा के लिए हम सबको एक होकर शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र भी धारण करना होगा। उन्होंने सनातन धर्म पर टिप्पणी करने वालों को राक्षस, कालनेगी, दुराचारी व कुकर्मी बताया। शिव शक्ति अखाड़े के प्रमुख मधुराम ने कहा कि रामलीला से हमें भारतीय संस्कृति को जीवित रखने की सीख मिलती है।
महंत ईश्वरदास महाराज व शिव स्वरूप बच्चा स्वामी ने सनातन एवं हिंदू धर्म की रक्षा के लिए हुंकार भरी। उधर, कवि सम्मेलन में योग्यता चौहान, महेश पाल सिंह उपकारी, उत्कर्ष, वैभव सोमवंशी ने वीर रस, हास्य रस की कविताएं सुनाकर श्रोताओं में जोश भरा।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, डॉ. अविनाश पांडेय, रामजी अग्निहोत्री, अभय चौहान, अनुराग सिंह, नीरज अवस्थी, श्याम मोहन, रोहित नंदन, अमित सिंह, सुबोध सिंह व रोहित कुशवाहा आदि मौजूद रहे। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।
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