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Farrukhabad News: पहलवानी के सीखे पेच, जुआ के फड़ भी बटोरे, फिर बने राजनीति में उस्ताद

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फोटो-1 पूर्व विधायक विजय सिंह।
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फर्रुखाबाद। हत्यारोपी पूर्व विधायक विजय सिंह लगातार तीन बार विधायक बना। उसने अखाड़े में पहलवानी के पेंच सीखने के बाद जुए के फड़ भी जीतकर बटोरे। इसके साथ ही राजनीति का उस्ताद बन गया। राजनीतिक सफर की मंजिल तय करने के दौरान उसकी पूर्व मंत्री से रंजिश चलती रही। फिलहाल वह पूर्व मंत्री की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
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घर में हुए धमाके बाद पूर्व विधायक फिर एक बार चर्चा में आ गया है। राजनीतिक सफर के उस्ताद कहे जाने वाले पूर्व विधायक विजय सिंह की कभी तूती बोलती थी। जो जेल जाने के बाद चुप्पी में बदल गई है। पूर्व विधायक विजय सिंह के पिता प्रेम सिंह पहलवान का अखाड़ा मशहूर था। यहां कई जनपदों के पहलवान अखाड़े में अपने पेंच आजमाते थे। इससे पूर्व विधायक का पहलवानी पेंचों से बचपन का नाता था। इसके बाद वह जुए में दांव लगाने लगे। उसमें लाखों के वारे-न्यारे किए। वह पड़ोसी जनपदों में भी जुए में दांव लगाया करते थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाया और वर्ष 1995 में उनकी पत्नी दमयंती सिंह नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष बनीं। हालांकि सत्ता की हनक पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के पास थी। विजय सिंह का राजनीतिक दायरा बढ़ने के साथ दबंगई भी बढ़ती गई। नाै फरवरी 1997 की रात पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या कर दी गई। इसमें विजय सिंह को मुख्य आरोपी माना गया। इसके बावजूद उसका राजनीतिक सफर बढ़ता गया। दबदबा इतना बढ़ा कि उनकी तूती बोलने लगी और समर्थकों ने उसे राजनीति में उस्ताद की उपाधि दे दी।
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