फर्रुखाबाद। कोचिंग सेंटर के गेट पर धमाके के साथ एकाएक आग निकली, इसके बाद धुएं का गुबार छा गया। 500 मीटर दूर के भवन तक हिल गए। अफरातफरी के चलते पास ही ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मचारी जान बचाकर भागते दिखे।
हिम्मत कर कुछ पड़ोसी और मौके पर राहगीर पहुंचे। कुछ ही देर में शोभायात्रा में ड्यूटी कर रहे रोडवेज और सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी भी पहुंच गए। इसके बाद एंबुलेंस और दमकल को फोन किया गया।
विस्फोट में धमाके के दौरान का पूरा वाकया ट्रैक्टर एजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इसमें दिख रहा कि विस्फोट होने पर कोचिंग सेंटर की सीढि़यों से आग का गुबार निकला। इसके बाद काला धुआं सड़क तक फैल गया। नजारा देख एजेंसी पर मौजूद लोग सड़क की ओर भागते दिखे। पांच मिनट बाद धुआं कम होने पर चीख-पुकार की आवाज सुनकर राहगीर और आसपास के लोग हिम्मत मौके पर पहुंचे।
सातनपुर मंडी के पास निकल रही एक शोभायात्रा में ड्यूटी कर रहे रोडवेज चौकी प्रभारी कपिल कुशवाहा और मुख्य आरक्षी योगेश सिंह और सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी घटना के 10 मिनट में ही पहुंच गए।
आईटीआई चौकी प्रभारी विशेष कुमार ने बताया कि उन्हें करीब 15 मिनट बाद सूचना मिली मगर वह श्यामनगर पर ही था, लिहाजा पांच मिनट में ही पहुंच गए। एक एंबुलेंस से बाहर पड़े दोनों घायल और दो अन्य एंबुलेंस से कोचिंग में टूटे शीशे और केबिन के मलबे में दबे बच्चों को निकालकर अस्पताल भिजवाया। इसी दौरान फतेहगढ़, कादरीगेट थाना पुलिस भी पहुंच गई।
गेट के पास लहूलुहान पड़ा था आकाश सक्सेना, उड़ गया पैर, 12 फीट गहरे गड्ढे में मिला आकाश कश्यप
फर्रुखाबाद। विस्फोट के बाद धुआं हल्का हुआ तो बदतर हालात देख किसी को कुछ समझ नहीं आया। इसी दौरान एक युवक गेट के सामने लहूलुहान पड़ा मिला। उसका एक पैर विस्फोट में उड़ गया था और शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसका नाम आकाश सक्सेना बताया गया। उसके पास कुछ मांस का हिस्सा भी पड़ा था। पश्चिम की ओर करीब 40 फीट दूर 12 फीट गहरे गड्ढे में एक युवक घायल अवस्था में पड़ा था। वहीं नाले में एक बाइक और साइकिल भी पड़ी थी। जो आकाश कश्यप की बताई जा रही है।
सात एंबुलेंस पहुंचीं, मलबा हटने के बाद खाली लौटी
फर्रुखाबाद। कोचिंग सेंटर में विस्फोट की घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर सात एंबुलेंस भेजी गईं। एंबुलेंस के जिला प्रभारी विजय सिंह चौहान ने बताया कि घायलों की संख्या अधिक होने की जानकारी मिली थी, लिहाजा बरौन और मुख्यालय की एंबुलेंस भेजी गईं। तीन एंबुलेंस सभी घायलों को अस्पताल ले आई थीं। शेष एंबुलेंस मलबा हटने के बाद ही मौके से वापस मंगाई गईं। (संवाद)
कोचिंग में बिखरी पड़ीं किताबें, बैग अस्त-व्यस्त
फर्रुखाबाद। कोचिंग का बैच दोपहर ढाई बजे से चलता है। विस्फोट के दौरान छात्र-छात्राएं पढ़ाई में व्यस्त थे। अचानक केबिन का मलबा और शीशे का कांच उनके ऊपर जाकर गिरा। बच्चों की किताबें और बैग अस्त-व्यस्त हो गए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई कई छात्र खून से लथपथ नजर आए। (संवाद)