थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर में छत पर सोते समय जली युवती तबस्सुम के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस की माने तो युवती खुद ही आग से जली थी। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। वहीं युवती के पिता ने पुलिस के दावे को झूठा करार दिया है।
थानाध्यक्ष रजनीश चौहान ने बताया कि विवेचना के दौरान पता चला कि मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए कलम बंद बयान में युवती ने जानकारी दी कि गांव के इंतखाब पर उसे जलाने का आरोप गलत है। उसका इंतखाब से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वहीं घरवाले उसकी शादी फर्रुखाबाद में दूसरी जगह करना चाहते थे।
घटना वाली रात जलती हुई कुप्पी (दीपक) गिरने से उसके कपड़ों में आग लग गई थी। थानाध्यक्ष का कहना है कि युवती के कलमबंद बयान से परिजनों के आरोप झूठे सिद्ध हो रहे हैं। युवती के बयान ने ही आरोपी का बचाव किया है। इसलिए इस मामले में दबाव बनाने के लिए पकड़े गए युवक के मामा व भाई को छोड़ दिया गया है। युवक डर के मारे फरार है।
उधर युवती के पिता जुबैर का कहना है कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं करना चाह रही है। आरोपियों को बचाना चाहती है। यदि मामले में न्यायोचित कार्रवाई न की गई तो उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगा। मालूम हो कि जली युवती तबस्सुम की इटावा के सैफई अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। इससे उसके परिवार में गम का माहौल है।