फर्रुखाबाद। चार माह से मानदेय न मिलने से छह दिन पहले घर बैठे पूर्व सैनिक गार्डों के खातों में तीन माह का भुगतान किया गया। फिर भी गार्ड काम पर नहीं लौटे। इससे लोहिया समेत सभी सीएचसी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। इमरजेंसी के सामने तीमारदार वाहन लगाकर चले जाते हैं। एंबुलेंस निकलने में भी दिक्कत हो रही है।
पूर्व सैनिक कल्याण निगम की ओर से लोहिया महिला व पुरुष अस्पताल, लिंजीगंज सिविल अस्पताल और सभी सीएचसी में 50 पूर्व सैनिक गार्ड के रूप में रखे गए थे। उनको चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। कई बार सीएमओ दफ्तर के चक्कर लगाने और निगम के अफसरों से बात करने पर भी मानदेय नहीं मिला, तो पिछले मंगलवार को काम बंद कर सभी गार्ड घर बैठ गए।
शनिवार को गार्डों के खातों में तीन-तीन माह का मानदेय भेजा गया। इसके बावजूद उन्होंने ड्यूटी करने से इन्कार कर दिया। रविवार को भी कोई गार्ड अस्पतालों में ड्यूटी करने नहीं पहुंचा। इससे सबसे अधिक लोहिया अस्पताल में दिक्कतें होने लगी हैं।
इमरजेंसी के अंदर दुर्घटना होने पर मरीज के साथ तीमारदारों की भीड़ घुस जाती है। इमरजेंसी के सामने तीमारदार बेतरतीब वाहन खड़े कर रहे हैं। एक गार्ड ने बताया कि जब तक चारों महीने का मानदेय नहीं मिलता, वे लोग काम पर नहीं लौटेंगे। इसके बाद प्रत्येक महीने की तय तारीख पर मानदेय खातों में आना चाहिए।