कायमगंज (फर्रुखाबाद)। प्रदेश स्तर पर जहां जीएसटी विभाग कर चोरी पर नकेल कसने की तैयारी जुटा है, वहीं कायमगंज में पूर्व की भांति फर्जी फर्म बनाए जाने का खुलासा हुआ है। हैरत की बात है वर्षों पहले मर चुके ग्रामीण के नाम शातिरों ने फर्म बना डाली है। साथ ही इस फर्म से गाजियाबाद में कारोबार भी किया जा रहा है।
नगर क्षेत्र से जुड़े गांव गड़ी इज्जत निवासी सद्दन खां का वर्षों पहले निधन हो चुका है। उनके नाम बिजली का कनेक्शन है। किसी शातिर ने उनके बिजली के बिल से फर्जी फर्म बना डाली। इस फर्म का नाम सेंकी रखा है। इस फर्म से गाजियाबाद में कारोबार होना बताया जा रहा है।
सद्दन के पुत्र इरशाद खां ने बताया कि 27 नवंबर को उनके मोबाइल पर जीएसटी विभाग से इस फर्म की जांच के लिए एक अधिकारी का फोन आया उन्होंने उनके पिता के बारे में पूछताछ की। इस पर उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले उनके पिता का इंतकाल हो चुका है।
इस पर जीएसटी के कुछ अधिकारी उनके घर पहुंचे और पूछताछ की। जीएसटी के अधिकरियों ने उन्हें बताया कि इस फर्म से गाजियाबाद में कारोबार किया जा रहा है।इसके बाद इरशाद से उनका पेन कार्ड व आधार कार्ड भी ले गए।
इरशाद ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए उन्होंने एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। करीब दो वर्ष पहले यहां कई फर्जी फर्मों का खुलासा हुआ था, इन फर्मों से साल भर में करोड़ों रुपये की तंबाकू 1 व 2 रुपये के बिल काटकर हरियाणा, पंजाब आदि प्रांतों में सप्लाई की गई। एक मजदूर के नाम फर्जी फर्म मिली थी। मजदूर ने कोतवाली में माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस उस जीएसटी माफिया के खिलाफ गैंगस्टर तक की कार्रवाई कर जेल भेजा था।
उपायुक्त राज्य कर विभाग विपिन कुमार नाग ने बताया कि जीएसटी चोरी को लेकर विभाग सतर्कता बरत रहा है।कायमगंज का यह प्रकरण खंड तीन का मामला है। इसकी जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।