फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कायाकल्प से पंचायत भवन लटके, सचिव व प्रधानों से मांगा जवाब

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायत भवन न बनाने पर शासन सख्त
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। पंचायत भवन निर्माण रोककर राज्यवित्त, 14वें और 15वीं वित्त की धनराशि स्कूलों के कायाकल्प पर खर्च करने वाले 154 ग्राम पंचायत के सचिवों और निवर्तमान प्रधानों पर कार्रवाई की तैयारी है। शासनादेश की अनदेखी से इन गांवों में पंचायत भवनों का निर्माण लटक गया है।
जिले में 174 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाए जाने हैं। प्रत्येक भवन पर 15 लाख रुपये खर्च होने हैं। इसके लिए धनाशि भी जारी की गई थी। अक्तूबर 2020 में शासन से आदेश जारी किया गया कि पंचायत भवनों का निर्माण होने पर ही राज्य वित्त और 14वें-15वें वित्त की धनराशि गांव के अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाए। किंतु अधिकारियों के दबाव में 154 पंचायत सचिवों ने आपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का सुंदरीकरण करा दिया।
विज्ञापन

इससे पंचायत भवनों का निर्माण लटक गया है। पंचायती राज निदेशक की सख्ती पर अब खलबली मची है। पंचायत भवनों का निर्माण पूरा न कराने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने कहा कि पंचायत भवनों की धनराशि कायाकल्प में खर्च करने वाले 145 निवर्तमान प्रधानों और पंचायत सचिवों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि केवल एक पंचायत भवन का निर्माण पूरा हुआ है। पांच पंचायत भवनों का निर्माण 15वें वित्त की धनराशि से और 14 का निर्माण राजीव गांधी सशक्तिकरण अभियान की धनराशि से कराया जाना है। 154 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से भवन निर्माण की स्वीकृति ली गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें