फर्रुखाबाद। पहली बार शासन ने सभी सरकारी स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा।
ऑडिट के लिए सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) से अनुबंध किया है। स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट करने का उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले ही बचाव के उपाय करना है।
सुरक्षा ऑडिट के दौरान स्कूल भवन की संरचना, अग्नि सुरक्षा, विद्युत प्रणाली, आपातकालीन निकासी रास्ते, गैर-संरचनात्मक तत्वों (जैसे- दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर आदि) तथा अन्य संभावित खतरों की पहचान की जाएगी।
खास तौर पर भवन की दीवारों, बीम, छत और नींव की मजबूती की जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि स्कूल का भवन छात्र-छात्राओं के बैठने लायक है कि नहीं। अगर कोई भी कमी होगी तो उसे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
इसके बाद उसमें सुधार होगा। शासन स्तर पर चयनित एजेंसी सभी जिलों में ऑडिट टीम भेजकर स्कूलों का निरीक्षण करेगी। केंद्र सरकार ऑडिट कराएगी। सुरक्षा ऑडिट में जो भी खर्च आएगा, उसे केंद्र सरकार वहन करेगा।
प्रभारी बीएसए डॉ. अनुपम अवस्थी व डीआईओएस नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट होने से नौनिहालों की सुरक्षा हो सकेगी। गौरतलब है कि जिले में 1576 परिषदीय, पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और 271 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।