फर्रुखाबाद। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में धनउगाही का मामला सामने आया है। एक आवेदनकर्ता ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि पीएम आवास योजना 2.0 के नाम पर लेखपाल ने 10 हजार रुपये कई लोगों से मांगे। उसने भी पांच हजार रुपये दिए। हालांकि जिम्मेदार इस मामले में पल्ला झाड़ रहे हैं।
पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत जांच की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन व नगर पालिका को दी गई है। सूत्रों ने बताया कि बीते दिनों आयोजित तहसील दिवस में धनउगाही की शिकायत हुई थी। अमर उजाला ने छानबीन करते हुए शिकायतकर्ता का नंबर लिया। नाम न छापने की शर्त पर शिकायतकर्ता ने मोबाइल पर बताया कि उन्होंने पत्नी के नाम पीएम आवास योजना शहरी 2.0 में फरवरी माह में आवेदन किया था।
होली से चार-पांच दिन पहले जांच करने क्षेत्रीय लेखपाल आए। उन्होंने जांच रिपोर्ट के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे। उन्होंने कहा कि सभी से 10-10 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। मैंने पांच हजार रुपये एक व्यक्ति के माध्यम से लेखपाल को दे दिए। इसके बावजूद उनका सूची में नाम नहीं आया। इस पर उन्होंने तहसील दिवस में शिकायत की थी। गौरतलब है कि राजस्वकर्मी जांच के नाम पर धनउगाही करते हैं। जो सुविधाशुल्क नहीं देता, उसका नाम सूची से हटा दिया जाता है। यही वजह है कि जांच में भी देरी होती है।
निष्पक्ष रिपोर्ट देने के निर्देश
शिकायत की जानकारी नहीं है। पीएम आवास योजना शहरी 2.0 की जांच तहसील प्रशासन की ओर से की जा रही है। धनउगाही की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्ष तरीके से जांच रिपोर्ट लगाए जाने के निर्देश राजस्वकर्मियों को दिए गए हैं।
- अतुल कुमार सिंह, एसडीएम कायमगंज
नहीं है मामले की जानकारी
आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी तहसील व नगर पालिका प्रशासन को दी गई है। जांच के नाम पर सुविधाशुल्क लिए जाने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। क्योंकि जांच रिपोर्ट तहसील प्रशासन व नगर पालिका ही देती है।
- गजराज सिंह, प्रभारी पीओ डूडा।