फर्रुखाबाद। गंगा के शुद्ध जल में स्नान और आचमन कराने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। पालिका के कागजों में बंद माधवपुर के बड़े नाले का पूरा पानी भैरों घाट पर गंगा में गिर रहा है। नाले के पानी को बायोरेमिडिएसन से साफ करने के नाम पर दिन में कुछ घंटे खेत मे रखी टंकी से कुछ बूंदे टपकाई जाती हैं। सच तो यह है कि माधवपुर, भैरोंघाट, धीमरपुरा और सोता बहादुरपुर के दो नालों का पानी गंगा में जा रहा है।
नगर पालिका प्रशासन माधवपुर में जिस नाले को दो बार बंद करवा चुका है उसमें तीन बड़े नालों का पानी जाता है। पालिका प्रशासन ने इस नाले को बंद करके पानी को गंगा के सोता में भेजने का प्रयास किया लेकिन खेतों में पानी भरने पर किसानों ने नाला खोल दिया था। उस समय ईओ ने नाला बंद कराने की बात कही थी लेकिन पानी अभी भी गंगा में जा रहा है। नाले के पानी को शुद्ध करने के लिए नगर पालिका ने बायोरेमेडिएशन प्लांट लगवाया है। इस कार्य मे 36 लाख रुपये खर्च हुए है। प्लांट से बूंद-बूंद केमिकल नाले के पानी में गिरता है। इससे पानी शुद्ध होने का दावा किया जाता है।
माधवपुर नाले को दो बार बंद कराया। खुलने की सूचना नहीं है। यदि खुला है तो उसकी जांच करवाकर दोषी पर कार्रवाई करेंगे। बायो रेमिडिएशन प्लांट हर वक्त चलने के निर्देश हैं।-रविन्द्र कुमार, ईओ नगर पालिका फर्रुखाबाद