अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है। बाढ़ से घिरे गांव के ग्रामीण भयभीत हैं। खेतों में पानी भरा होने से गन्ने का किल्ला सड़ने लगा है। भरखा चौराहे के पास सड़क कट जाने से ग्रामीणों का निकलना मुश्किल है।
नरौरा बांध से गंगा में डेढ़ लाख क्यूसेक के करीब कई दिनों से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा उफान पर होने से जलस्तर खतरे के निशान 137.10 से 20 सेमी ऊपर है। सोमवार को पांच सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी के साथ गंगा का जलस्तर 137.30 मीटर पहुंच गया।
जलस्तर बढ़ने से गांव में तेजी से पानी बढ़ने लगा गया। ग्रामीणों का कहना है कि शाम से पानी बढ़ रहा है। पिछले 17 दिन से बाढ़ का पानी घरों में भरा है। इससे ग्रामीण घरों की छत से नीचे नहीं उतर पा रहे हैं। जो लोग जलभराव की वजह से घर छोड़कर सड़क किनारे रह रहे हैं। गांव अंबरपुर के ग्रामीणों ने कहा कि कई दिनों से गांव में पानी भरा होने से वह लोग लेखापाल व तहसीलदार से नाव की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण खाने पीने की सामग्री लाने में परेशानी हो रही है।
चाचूपुर से कड़हर जाने वाले मार्ग पर भरखा चौराह के पास बाढ़ के पानी का तेज बहाव होने से सड़क कट गई है। इससे चार पहिया वाहनों का निकलना बंद हो गया। बाइक सवार हिम्मत करके निकल रहे हैं। कई बाइक सवारों की बाइक पानी में ही गिर जाती है। नगरिया, जिठौली, रामपुर, सलमेपुर, भूसेरा, दारापुर, आदि गांव के रास्ते पर पानी आ जाने से रास्ता बंद हो गया है।
एडीएम को बाढ़ शरणस्थल में नहीं मिले कर्मचारी
अमृतपुर। अमर उजाला ने 29 जुलाई के अंक में कागजी साबित हो रहीं बाढ़ बाढ़ चौकियां व शरणालय शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसका एसडीएम रवींद्र कुमार ने संज्ञान लेकर सोमवार को बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी जूनियर हाईस्कूल अमृतपुर में सचिव यश कांत व पंचायत सहायक के अलावा कोई मौजूद नहीं था। इस चौकी पर एक रजिस्टर रखा मिला है। उसमें कुछ भी लिखा नहीं था। अन्य कर्मचारी गायब। थे। बाढ़ शरणालय पीएचसी बंद मिला। कोई कर्मचारी भी ड्यूटी पर नहीं मिला। निरीक्षण की जानकारी होने पर बाढ़ चौकी प्राथमिक विद्यालय करनपुर दत्त में लेखपाल कुलदीप तिवारी, पंचायत सहायक व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद मिली। एसडीएम के पूछने पर कर्मचारियों से ने बताया कि इस बाढ़ चौकी से जुड़े गांव रामगंगा से प्रभावित होते हैं। रामगंगा में बाढ़ नहीं है। एसडीएम ने बताया के बाढ़ शरणालय व चौकी पर अनुपस्थित मिले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने बांटी राहत सामग्री
एसडीएम रवींद्र कुमार ने गांव हमीरपुर सोमवंशी ने 190 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। अन्य गांवों में राहत सामग्री भेजी गई। एसडीएम ने कहा कि कोई भी बाढ़ पीड़ित भूखा नहीं रहेगा। 1350 पैकेट की डिमांड भेजी गई थी। वह आ गई है। आगे और जरूरत होगी तो मंगवाई जाएगी।
गांव में भरा पानी नाव से होता आवागमन
शमशाबाद। गांव में भरा बाढ़ का पानी भरा है। इससे अचानकपुर से हैवतपुर गढि़या तक नाव से आवागमन हो रहा है। आने-जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का घंटों इंतजार करना पड़ता है। गांव में सतीश चंद्र धनपाल, लालाराम, अमर सिंह, सुखपाल, संजय सहित कई लोगों के घरों में बाढ़ का पानी भरा है। लोगों के जानवरों के लिए चारे की भी दिक्कत है। गांव में मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य टीम भी नहीं पहुंच रही है। प्रधान जगरूप ने बताया गांव में एक ही नाव है। इससे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता है।