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गंगा थमी, रामगंगा और बढ़ी

Fri, 11 Aug 2017 11:32 PM IST
farrukhabad
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बाढ़ के दौरान साइकिल लेकर निकलते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक पहुंचने के बाद स्थिर हो गया है। रामगंगा जलस्तर बढ़ रहा है। शुक्रवार को 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे गांवों का कटान तेज हो गया है। बांधों से गंगा और रामगंगा मेें लगातार पानी छोड़े जाने से दोनों नदियां उफान भर रही है। गंगा में शुक्रवार को नरौरा बांध से 177274 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि जलस्तर 136.85 मीटर पर पहुंचने के बाद ठहरा है। नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ने की आशंका सिंचाई विभाग के अधिकारी लगा रहे है। खो हरेली, रामनगर से रामगंगा में 24811 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे रामगंगा का जलस्तर 135.00 से बढ़कर 135.25 मीटर पर पहुंच गया है।
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अलादपुर भटौली और कोलासोता में कटान हुआ तेज
अमृतपुर। तीसराम की मड़ैया गांव में ग्रामीणों का जीवन अस्त व्यस्त है। इनको सुरक्षित स्थान पर ठहराने के लिए अभी तक तहसील प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। इस कारण गांव के लोग भयभीत हैं। तीसराम की मड़ैया का तहसील से संपर्क टूट गया है। इस गांव में नाव के सहारे आवागमन ग्रामीण कर रहे है। पानी कई ग्रामीणों के घरों मेें भरने के कारण उन्होंने आशियाना कुछ ऊंचाई पर पॉलिथीन तान कर बना लिया है। जलस्तर बढ़ने पर उस स्थान पर भी पानी पहुंच जाएगा। बाढ़ पीड़ित अपने परिवार का पेट तो भर रहे है। लेकिन उनके सामने पशुओं का पेट भरने का संकट खड़ा हो गया है। चारे का कोई इंतजाम नहीं है। वहीं रामगंगा के बढ़े जलस्तर से अलादपुर भटौली और कोलासोता में कटान तेजी से होने लगा है। बदायूं जाने के बाईपास मार्ग गांव जोगपुर के पास सड़क पानी से डूब गई है। जो वाहनों के लिए खतरा बनने लगी है।

कई गांवों को जाने का रास्ता बाढ़ ने किया बंद
राजेपुर। गंगा और रामगंगा के बढ़ते जलस्तर ने दो दर्जन से अधिक गांवों को जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। चार गांवों में नाव चलनी शुरू हो गई है। अन्य गांवों के ग्रामीणोें के आवागमन के लिए नाव का प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया। गांव जमापुर, पूर्वी गौटिया, पश्चिमी गौटिया, तीसराम की मड़ैया, कंचनपुर, सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, अंबरपुर, इमादपुर सोमवंशी, आशा की मड़ैया , बमियारी, लायकपुर, कुबेरपुर, कुसुमापुर, भाऊपुर चौरासी, राम प्रसाद नगला, जटपुरा कैलयाई, मंझा की मड़ैया , उदयपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, कुडरी सारंगपुर, सुंदरपुर, भुड़रा को जाने वाले रास्ते के साथ गांव में पानी भर गया है। इस कारण ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया।
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प्रशासन की ओर से जोगराजपुर, लायकपुर, आशा की मड़ैया में एक-एक नाव और तीसराम की मड़ैया  में दो नाव चलवाई जा रही है। अन्य गांवों में अभी तक नाव चलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण ग्रामीण गांवों में फंसे हुए है। जहां मार्ग पर कम पानी है, वहां के ग्रामीण पानी में घुस कर बाजार मुख्यालय तक आने को मजबूर है। इन गांवों के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी पानी भरा हुआ है। इस कारण शिक्षण कार्य भी बंद है।

परसादी की मड़ैया और अचानक पुर में भरा पानी
शमसाबाद। ब्लाक क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक के बाद अब परसादी की मड़ैया  और अचानकपुर में भी पानी भरने लगा है। परसादी की मड़ैया में पानी गांव के अंदर पहुंचने से जयकरन, छोटेलाल, महेश चंद्र, गुड्डू, रतीराम समेत कई ग्रामीणों की झोपड़ी पानी में आधी डूब गई है। यह लोग बेघर होकर दूसरी जगह ऊंचाई पर रहने लगे हैं।
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