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गंगा का जलस्तर स्थिर, रामगंगा का 50 सेमी और बढ़ा

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गंगा की बाढ़ का पानी गांव समैचीपुर चितार के घरों में घुस गया है। इसके चलते पूरा परिवार चारपाई पर ब? - फोटो : FARRUKHABAD
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बड़ी मात्रा में लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 10 सेमी ऊपर पहुंच गया है। हालांकि शुक्रवार को गंगा का जलस्तर स्थिर रहा वहीं रामगंगा का जलस्तर 50 सेमी बढ़कर 134.75 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा में नरौरा बांध से एक लाख 68 हजार 509 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है जबकि खो हरेली बैराज से रामगंगा में 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर पर स्थित है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 136.70 मीटर पर स्थिर रहा, जो चेतावनी बिंदु से 10 सेमी ऊपर है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 50 सेमी उछाल मार गया। गंगा व रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ने के आसार हैं।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव रामपुर, जोगराजपुर, सबलपुर, आशा की मड़ैया, कंचनपुर, रामप्रसाद का नगला, जटपुरा व फुलहा बाढ़ से पानी से पूरी तरह घिरे हैं। गांवों में भी पानी घुस रहा है। वहीं मार्गों पर पानी भरा होने से आवागमन ठप हो गया। उधर, गांव सबलपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में पानी भर जाने से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं ठप होती दिख रही हैं। गांव के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा नगरिया जवाहर स्थित स्कूल में भी पानी भर गया है। बच्चों की पढ़ाई चौपट है।
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बाढ़ से घिरे गांव के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नौ नाव डाली गई हैं। इसमें हरसिंहपुर कायस्थ में तीन, मंझा में दो, तीसराम की मड़ैया में एक, ऊगरपुर में दो व रामपुर जोगराजपुर में एक नाव डाली गई। एसडीएम बिजेंद्र कुमार व तहसीलदार प्रदीप सिंह ने गांव ऊगरपुर का निरीक्षण किया। पूरे गांव में पानी भरा मिला। इससे लोगों को आने-जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम ने बताया कि गांव में राहत सामग्री वितरित कराई जाएगी।
क्षेत्र के गांव बमियारी, अमीराबाद, नगला दुर्गू, जटपुरा बाढ़ के पानी से घिरे चल रहे हैं। वहीं गंगा के तटवर्ती गांव सुंदरपुर, करनपुर घाट, जटपुरा, पट्टी भरखा, पट्टी जसूपुर, सवितापुर आदि गांव भी बाढ़ से घिरे होने के चलते ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं।
बाढ़ग्रस्त गांव कुड़री सारंगपुर में अमृतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डा.गौरव वर्मा ने फार्मासिस्ट आदि के साथ पहुंचकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस बीच स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों को बिना दवाई के ही लौटना पड़ा। कायमगंज की स्वास्थ्य टीम के साथ गांव कटरी तौफीक पहुंची। वहां दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित मिले। डाक्टरों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। 71 मरीजों को दवाई बांटी गई।
बाढ़ग्रस्त गांवों में लोग बुखार आदि बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। गांव मंझा निवासी भैयालाल की 14 वर्षीय पुत्री प्रीती बुखार से मौत हो चुकी है। लोग बुखार की चपेट में भी लगातार आ रहे हैं। इसके बावजूद चिकित्सीय टीमों का गठन नहीं किया। राजेपुर सीएचसी के चिकित्साधिकारी डा.प्रमित राजपूत ने बताया कि वह अवकाश पर चल रहे हैं। चिकित्सीय टीमें गठित की गई हैं। एक-दो दिन में अवकाश से लौटने के बाद चिकित्सीय टीमों के क्षेत्र बांटे जाएंगे।
शमसाबाद के गांव समैचीपुर चितार बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। गांव के अबरार, निर्बल, साकिर, सद्दाम, पप्पू, निहाल के घरों में करीब डेढ़ फीट पानी भर गया। इससे इन ग्रामीणों को परिवार के साथ चारपाई पर बैठकर रात गुजारनी पड़ी।
इसके अलावा गांव कटरी तौफीक में भी पानी घुसने से समस्याएं बरकरार हैं। गांव भगवान के दो दर्जन घरों में भी पानी घुस चुका है। लगातार बाढ़ अब कहर की ओर बढ़ती जा रही है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। गांव कैलियाई, कमथरी, परसादी की मड़ैया, अचानकपुर रम्पुरा आदि गांव भी में बाढ़ के पानी से घिरे हैं। गांव में पानी घुसने से ग्रामीण खासे चिंतित हैं।
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