फोटो-25, बदायूं मार्ग पर स्थित चित्रकूट डिप पर बाढ़ के पानी के बीच निकलते वाहन। संवाद
अमृतपुर। पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। नरौरा बांध से रविवार को 1,82,128 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़कर 136.85 मीटर पहुंच गया है। खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। ऐसे में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 25 सेंटीमीटर नीचे है। सिंचाई विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में जलस्तर के खतरे के निशान के करीब पहुंचने की आशंका जताई है।
हरिद्वार और बिजनौर से लगातार पानी नरौरा बांध में पहुंच रहा है। पानी बढ़ने से बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर बाढ़ का दबाव बढ़ गया है। रविवार को डिप पर करीब डेढ़ फुट पानी तेज बहाव के साथ बहने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को यहां पानी का बहाव कम था, लेकिन रविवार दोपहर बाद अचानक बहाव में तेजी आ गई। राजेपुर डिप पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। उधर, रामगंगा का जलस्तर फिलहाल बिलोगेज पर है, इसमें 4,925 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है।
35 से अधिक गांव प्रभावित
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के 35 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, मंझा की मड़ैया, आशा की मड़ैया, उदयपुर, तीसराम की मड़ैया, बरुआ, बमियारी, कुड़री सारंगपुर और करनपुर घाट समेत कई गांवों में पानी भर गया है। ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरत का सामान नाव से लाने को मजबूर हैं।
फोटो-25, बदायूं मार्ग पर स्थित चित्रकूट डिप पर बाढ़ के पानी के बीच निकलते वाहन। संवाद
फोटो-25, बदायूं मार्ग पर स्थित चित्रकूट डिप पर बाढ़ के पानी के बीच निकलते वाहन। संवाद