अमृतपुर। गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर से घटकर 136.95 मीटर पर आ गया है। बाढ़ के पानी उतरने से प्रभावित गांवों में बुखार, खांसी, जुकाम व खुजली की बीमारी फैलने लगी है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ समेत कई गांवों में ग्रामीण बुखार व खुजली की बीमारी की चपेट में है। इस गांव में अभी तक स्वास्थ्य टीम दवा बांटने नहीं गई है। गांवों में दवा बांटने को बनी सभी टीमें गांवों में नहीं जा रही हैं। इससे ग्रामीण परेशान हैं।
जानकारी के मुताबिक बाढ़ का पानी उतरने से गांवों में बीमारियां तेजी से फैल रहीं है। बीमारी फैलने की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किराचन, हमीरपुर, सुभनापुर मे कैंप लगाकर दवाएं दी हैं।
वहीं भुड़रा में घरों में पानी भरा है। गांव में अभी तक राहत पैकेट नहीं बांटे गए हैं। घरों में पानी भरने से लोग ऊंचाई वाले खेतों में पॉलिथीन तानकर परिवार समेत रहने को मजबूर हैं। गांव रामपुर जोगराजपुर में पानी भरे होने से आवागमन को जो नाव प्रशासन की ओर से मुहैया कराई गई वह नाव फूटी है। गांव आशा की मड़ैया में जो नाव दी गई है। वह छोटी होने से अधिक लोगों के बैठने पर वह पलट जाती है।
तीन गांवों में बांटी गई दवा
अमृतपुर। गांव किराचन, हमीरपुर और सुभनापुर में डाक्टर गौरव वर्मा, डा. सुधीर व फार्मासिस्ट राजवेंदर सिंह ने पहुंच कर दवा वितरण की। करीब 176 लोगों को बुखार, खुजली व खांसी की दवा दी गई है।
बढ़ रहा रामगंगा का जलस्तर, खतरा बरकरार
अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। एक दिन में 10 सेमी. पानी बढ़ा है।
शुक्रवार को रामगंगा का जलस्तर 135.70 मीटर से बढ़कर 135.80 मीटर पर पहुंच गया है। इसमें 16 हजार 472 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर 10 सेमी बढ़ने से खतरा बना हुआ है। कोलासोता व अलादपुर भटौली के कई मकानों में कटान जारी है।