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17 गांवों में भरा पानी, तीन में चली नाव

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बाढ़ के भरे पानी से गुजर कर जाते लायकपुर गांव के लोग। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। पहाड़ों पर लगातार बारिश से गंगा में आई बाढ़ ने 17 गांवों में चपेट में ले लिया है। पानी भरने से इन गांवों में आवागमन में दिक्कत हो रही है। वहीं तीन गांवों में नाव चलनी भी शुरू हो गई है। वहीं रामगंगा की तेज धार से तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों ने अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है।
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गंगा व रामगंगा में बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को नरौना बांध से गंगा में दो लाख 33 हजार 440 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर में 45 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। जलस्तर 136.75 मीटर पर पहुंच गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर है। गंगा किनारे बसे गांव करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, बमियारी, अमीरबाद, जटपरा समेत अन्य गांवों में पानी भरने से लोगों को दिक्कत हो रही है। गांव हरसिंघपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, जोगरापुर में प्रशासन ने आवागमन के लिए नाव लगाई है।
वहीं रामगंगा में शुक्रवार को हरेली, रामनगर से 18 हजार 834 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। जलस्तर 135.75 मीटर से बढ़कर 136.25 मीटर पर पहुंच गया। रामगंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। इससे कोलासोता, अलादपुर भटौली आदि गांवों कटान तेज हो गई। अलादपुर भटौली के नेकराम, राजेश व छोटेलाल ने अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। वहीं करीब आठ लोगों के घर कटान की कगार पर हैं। एसडीम प्रीती तिवारी ने बताया कि गंगा और रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गांवों में लेखपालों को निगरानी रखने के लिए लगा दिया गया है। तीन गांवों में आवागमन के लिए नाव भी लगाई गई है।
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गांव कंचनपुर सबलपुर के संविलियन विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। बच्चों को दूसरी जगह बैठाकर पढ़ाई कराने की व्यवस्था की जा रही है।
अमृतपुर। गांव अलादपुर भटौली निवासी भैयालाल की 15 वर्षीय पुत्री पवी रामगंगा से हो रहे कटान को देखने किनारे पर खड़ी थी। उसका पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गई। हालांकि वह तैर कर बाहर आ गई।
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शमसाबाद से शाहजहांपुर जाने वाले मार्ग पर गांव चौरा के पास सड़क पर पानी भर गया है। सड़क टूटी और बाढ़ का पानी भरा होने से आवागमन करने वालों को हादसे का डर सताने लगा है।
गांव के लोगों का कहना है कि कुछ दिन पूर्व जलालाबाद में रामगंगा का पुल क्षतिगस्त हो गया था। जिससे आवागमन बंद कराया गया था। दो दिन से बाइक व साइकिल सवार लोगों के लिए रास्ता खोला गया है। जलालाबाद जाने के लिए शमसाबाद से होने जाने में सुविधा रहती है। अब फर्रुखाबाद से होकर जाना पड़ रहा है। वहीं गांव समौचीपुर में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के लोगों ने छत व ऊचाई वाले स्थानों पर खाना बनाया। रास्तों पर भरे पानी से गुजर कर बच्चे स्कूल गए।

गांव अलादपुर भटौली में मकान तोड़ता ग्रामीण। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

गांव कंचनपुर सबलपुर में भरे पानी से गुजरकर स्कूल जाते बच्चे। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

नाव से जाते जोगराजपुर गांव के लोग। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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