कमालगंज। गणेश महोत्सव में सोमवार रात गजानन की झांकियां देख लोग भक्ति के सागर में गोते लगाते नजर आए। पूजन व आरती के बाद गणेश वंदना झांकी और फिर माखन चोरी लीला व बालाजी महाराज की झांकियों में श्रद्धालु भक्ति के आनंद से भर उठे।
17वें गणेश महोत्सव के द्वितीय दिवस सोमवार सुबह पूजन-अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आरती में श्रद्धालु झूमते रहे। इसके बाद संगीत की धुनों के साथ आरती गायन हुआ। सायंकालीन पूजन में आचार्यों की टोली ने विधिविधान से अनुष्ठान कराया। इस दौरान मंच पर मौजूद यजमानों ने भी पूजा-अर्चना की। पूजन के पश्चात आरती गायन की शृंखला चली।
गजानन के दरबार में हापुड़ के रोहिताश निखिल आर्ट ग्रुप के कलाकारों ने झांकियों की छटा बिखेरी। गणेश वंदना झांकी में देवा श्रीगणेशा देवा श्री गणेशा, धरती अंबर सितारे हैं, उसकी नजरें उतारे हैं, डर भी उससे डरा रे, देवा श्रीगणेशा देवा श्रीगणेशा भजन की प्रस्तुति हुई। भक्त दोनों हाथ उठाकर भक्ति के आनंद में झूमने लगे।
माखन चोरी लीला में श्रीकृष्ण के बालपन, नटखट शरारतों पर श्रद्धालु रीझ गए। चोरी-चोरी माखन खाय गयो रे, सूनी देख के मेरो घर-अंगना मटकी सारी फोड़ गयो रे भजन ने झांकी का आनंद और बढ़ा दिया। अनोखी थारी झांकी, जय बालाजी महाराज, निराली थारी झांकी जय बालाजी महाराज भजन के बीच बालाजी महाराज की झांकी ने मन मोह लिया। प्रबल वर्मा डमडम, प्रतिबन वर्मा नीटू, नरेशचंद्र गुप्ता, नितिन गुप्ता, लखन गुप्ता, शुभम प्रजापति, राजा गुप्ता, सुधांशु विश्नोई, दीपू गुप्ता भी रहे। प्रसाद वितरण हुआ। कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
नगर में बनाए गए चार तोरण द्वार
- गणेश महोत्सव के लिए कानपुर मार्ग पर दो तोरण द्वार बनाए गए। कार्यक्रम स्थल वाली दोनों सड़कों पर भी गेट सजाए गए। मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों ओर व सड़क के ऊपर एक छोर से दूसरी ओर झालर से गजानन नगरी के रूप में कस्बा में सजावट की गई। (संवाद)