आंधी से टूटे आम के ढेर को देखते बागवान।
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शुक्रवार रात आई आंधी ने बागवानी करने वाले किसानों को भारी झटका लगा है। आंधी ने कुछ ही दिनों में पकने वाले आम को डाल से गिरा दिया है। इसके चलते बागवानों को यह आम औने-पौने में बेचने को मजबूर होना पड़ेगा।
आंधी ने हरित क्षेत्र कहे जाने वाले गांव मेदपुर, पितौरा, कुबेरपुर, नरसिंहपुर, भटासा, ममापुर, बरझाला, मीरपुर, पपड़ी, सुल्तानपुर सहित आधा सैकड़ा से अधिक गांवों में आम के बागों में अपना कहर ढहाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी सूखे और लसा रोग की मार से उभर नहीं पाए थे। जैसे-तैसे पानी का इंतजाम कर आम की फसल तैयार की गई थी। ग्राम बरझाला के प्रधान राजीव गंगवार का कहना है कि उनके पास 100 बीघा आम का बाग है। फसल तैयार थी, तभी शुक्रवार की रात आई आंधी ने जमकर तबाही मचाई और 20 फीसदी कच्चा आम डाल से गिर गया।
मेंदपुर निवासी वतन गंगवार ने कहा कि आंधी से उनके 110 बीघा आम के बाग में 50 फीसदी आम डाल से गिर गए। इससे उन्हें लाखों का नुकसान होने का अनुमान है। वहीं ग्रामीण अखिलेश कुमार का कहना है कि आंधी से उन्हें लगभग 50 हजार का नुकसान हो गया है। उन्हाेंने बताया कि चौंसा व लंगड़ा प्रजाति में दशहरी आम की तुलना में ज्यादा नुकसान हुआ है। ग्रामीण इतबारी लाल का कहना कि उनके 50 बीघा आम के बाग में 40 फीसदी आम गिर गए हैं। इससे उन्हें करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।