फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों की जांच में भी खेल कर दिया गया। सचिव को बचाने के लिए दिव्यांग युवक को महिला दिखाकर उसके पिता को पति बनाकर पात्र कर दिया गया। बीडीओ की जांच रिपोर्ट झुठलाकर जिला विकास अधिकारी ने सात अपात्र लाभार्थियों को पात्र दिखाकर सचिव को क्लीन चिट दे दी। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर तीसरी किस्त भी जारी करने की तैयारी है।
नवाबगंज की ग्राम पंचायत पहाड़पुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में 10 लाभार्थियों को 40-40 हजार रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई। गांव के ही शिवांग की शिकायत पर तत्कालीन प्रभारी बीडीओ विक्रांत तिवारी ने फरवरी में जांच की तो सात लाभार्थी अपात्र पाए गए। उन्होंने दूसरी किस्त पर रोक लगाते हुए सचिव साहिल चौधरी से स्पष्टीकरण तलब किया और अपात्रों से रिकवरी कराने के आदेश दिए। कुछ ही दिन बाद ब्लाक में बीडीओ कौशल किशोर गुप्ता की तैनाती हो गई।
मौका मिलते ही एडीओ ने बीडीओ की जांच रिपोर्ट में लीपापोती कर दी और लेखाकार ने अपात्र लाभार्थियों को 70-70 हजार रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी। अमर उजाला ने छह जून के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसका डीएम मानवेंद्र सिंह ने संज्ञान लिया और मामले की जांच डीडीओ को सौंप दी गई। डीडीओ ने जांच में सभी लाभार्थी पात्र दिखाकर रिपोर्ट डीआरडीए कार्यालय भेज दी।
पता चला है कि अर्जुन सिंह के अविवाहित दिव्यांग पुत्र अमित को नियम विरुद्ध तरीके से आवास दिया गया। वह अपने पिता के पक्के मकान में रहता है। जैथरा में प्रिंटिंग प्रेस भी चलाता है। जांच में उसे अर्जुन की पत्नी दिखाकर पात्र कर दिया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के नाम दूसरा आवास दिया गया। इससे पहले उसके पति को प्रधानमंत्री आवास दिया जा चुका है। तीसरे अपात्र लाभार्थी का पक्का मकान के अलावा ट्रैक्टर भी है। एक लाभार्थी का पक्का मकान होने के साथ 15 बीघा खेत और कायमगंज में दूसरा मकान व दुकान भी है। जबकि अन्य तीन लाभार्थियों के भी पहले से पक्के मकान व खेती भी है। एक लाभार्थी को तो पिछड़ा वर्ग से अनुुसूचित जाति दिखाकर पात्र कर दिया गया।
पहाड़पुर निवासी ग्रामीणों की मानें को आवासों की जांच के नाम पर अपात्र लाभार्थियों से वसूली भी की गई। गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति के घर पर बैठकर अधिकारियों ने जांच की। इसके अलावा ग्राम पंचायत शिवरईमठ में चार अपात्र लाभार्थियों को भी जांच में पात्र कर दिया गया है। बताते हैं कि सचिव साहिल चौधरी के पास नवाबगंज की 10 बड़ी ग्राम पंचायतों का चार्ज था। अधिकारियों के करीबी सचिवों में शामिल रहे। अब उनका स्थानांतरण जनपद रामपुर के लिए हो गया है।
मुख्य विकास अधिकारी एम.अरून्मोली ने बताया कि ग्राम पंचायत पहाड़पुर के आवासों की जांच रिपोर्ट उन्हें प्राप्त नहीं हुई। वह इस मामले को गंभीरता से दिखवाएंगी।