फर्रुखाबाद। शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कासिमपुर तराई में कराए गए विकास कार्यों में लाखों का गोलमाल सामने आया है। प्रधान की शिकायत पर डीएम ने कमेटी से जांच कराई तो वित्तीय अनियमितताएं खुलकर सामने आ गईं। कई कार्यों के अभिलेख सचिव ने कमेटी को उपलब्ध नहीं कराए हैं।
ग्राम पंचायत कासिमपुर तराई में जनसुनवाई के दौरान प्रधान हेमलता ने जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह व सीडीओ से विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत की थी। जिलाधिकारी के आदेश पर सीडीओ एम. अरून्मोली ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक व सहायक अभियंता की कमेटी बनाकर जांच कराई। कमेटी ने गांव में जाकर विकास कार्यों की जांच की तो पोल खुल गई।
पंचायत घर की पुताई में 86,555 रुपये का अधिक भुगतान किया गया। प्राथमिक विद्यालय गंगलई की पुताई व मरम्मत में बिना एमबी (मेजरमेंट बुक) के ही एक लाख 89 हजार 896 रुपये का भुगतान हुआ। पंचायत घर में बिजली फिटिंग के नाम पर कोई काम कराए बिना एक लाख 66 हजार रुपये निकाल लिए गए। जांच के लिए इसके अभिलेख भी नहीं दिए गए।
उपस्वास्थ्य केंद्र मिलकिया में दरवाजे लगाने के कार्य में 78 हजार, रंगाई-पुताई का काम बिना एमबी के कराकर दो लाख नौ हजार का भुगतान कर दिया गया। कासिमपुर तराई प्राथमिक विद्यालय स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की पुताई में 40,556 रुपये व रसोई की पुताई में 17,110 रुपये अधिक भुगतान किया गया है।
इसके अलावा हैंडपंप मरम्मत, सामुदायिक शौचालय, स्कूल के अतिरिक्त कक्ष, प्रशासनिक व्यय के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए लेकिन जांच के लिए इन कामों से जुड़े अभिलेख नहीं दिए गए। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास भेज दी है। पीडी राम सिंह ने बताया कि जांच कर रिपोर्ट सौंप दी गई है।