फर्रुखाबाद। सरकारी एंबुलेंस से फर्जी मरीजों को ढोने के मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक ने सीएमओ को जांच कराने के आदेश दिए हैं। 102 एंबुलेंस से गर्भवती महिलाओं को लाने और ले जाने का पूरा डाटा मांगा है। कहा है कि अप्रैल 2021 से अप्रैल 2022 के बीच मरीजों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। इससे गड़बड़ी की आशंका को बल मिल रहा है।
स्वास्थ्य निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेजे पत्र में कहा कि 102 नेशनल एंबुलेंस की सेवा प्रदाता कंपनी ने अप्रैल माह में मरीजों (गर्भवती महिलाओं) को ढोने का डाटा उपलब्ध कराया है। इस डाटा की अप्रैल 2021 के आंकड़ों से तुलना की गई तो सामने आया कि मरीजों की संख्या में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इसमें गड़बड़ी दिख रही है।
निदेशक ने कहा कि दोनों ही माह में 102 एंबुलेंस के ट्रिपों एवं लाभार्थियों का विवरण भेजें। उन्होंने सीएमओ से कहा कि सेवा प्रदाता कंपनी ने जो ट्रिप दिखाए हैं, उन मरीजों का सत्यापन भी कराया जाए, ताकि सच सामने आ सके।
सीएमओ से सात दिन में हर हाल में पूरी सत्यापन रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा गया है। निदेशक का पत्र मिलने के बाद एंबुलेंस संचालक कंपनी के अधिकारियों में हड़कंप है।