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जिला योजना की बैठक में 254.53 करोड़ के प्रस्ताव पर लगी मुहर

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कल्क्ट्रेट सभागार में जिला योजना की बैठक में मौजूद सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा व डीएम मा? - फोटो : FARRUKHABAD
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इस बार जिला योजना की बैठक में गांव और कृषि व सिंचाई संसाधनों को बढ़ावा देने पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। गांवों के विकास के लिए करीब 85 करोड़ और खेत-सिंचाई के लिए 34.50 करोड़ से अधिक की कार्ययोजनाओं के प्रस्ताव पारित किए गए। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 38 करोड़ से अधिक की कार्ययोजनाओं पर मोहर लगाई गई।
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प्रदेश सरकार के सहकारिता और जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला योजना की बैठक हुई। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी एम.अरून्मोली ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अलग-अलग विभागों के लिए 254 करोड़ 43 लाख की कार्य योजनाएं प्रस्तावित कीं।
सबसे ज्यादा जोर गांव और कृषि व सिंचाई संसाधनों को बढ़ाने पर दिया गया है। ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग का 84 करोड़ 91 लाख 48 हजार और कृषि एवं संवर्गीय सेवाएं व सिंचाई के लिए 34 करोड़ 62 लाख 25 हजार की कार्ययोजनाओं के प्रस्ताव रखे गए। इसके बाद शिक्षा को बढ़ावा देेने पर ध्यान दिया गया है।
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शिक्षा विभाग के लिए शिक्षा विभाग के लिए 38 करोड़ 20 लाख 80 हजार की कार्ययोजनाओं के प्रस्ताव पास किए गए। सड़क व पुल के लिए 24 करोड़ 20 लाख 93 हजार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 7 करोड़ 98 हजार 31 हजार, नगरीय क्षेत्र में पेयजल के लिए तीन करोड़ 67 लाख 77 हजार, समाज कल्याण व अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए 57 करोड़ 6 लाख 26 हजार और पर्यटन, सेवायोजन आदि के लिए तीन करोड़ 85 लाख 20 हजार रुपये का प्रस्ताव पास किया गया।
प्रभारी मंत्री ने विभागवार कराए विकास कार्य और शिकायतों के निस्तारण की जानकारी ली। बैठक में भाजपा सांसद मुकेश राजपूत, विधायक सुशील शाक्य, अमर सिंह खटीक, नागेंद्र सिंह राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, एडीएम विवेक श्रीवास्तव, डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ला, डीएसटीओ अतुल राठौर आदि मौजूद रहे।
पिछले वर्ष जिला योजना की बैठक में सड़क एवं पुल के लिए 29 करोड़ 53 लाख 93 हजार रुपये का बजट अनुमोदित किया गया था। इसमें 41 लाख 83 हजार रुपये ही सड़कों के लिए मिले हैं। इतनी कम बजट में सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पाईं।
पिछले वर्ष जिला योजना की बैठक में पंचायती राज, सामुदायिक विकास (ग्राम्य विकास), अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, पर्यटन, प्राविधिक शिक्षा, खेलकूद, होम्योपैथिक, यूनानी व आयुर्वेदिक चिकित्सा, पूल्ड आवास, नगर विकास व शिल्पकार प्रशिक्षण समेत 12 विभागों के प्रस्ताव पारित किए गए थे। किंतु इनमें किसी भी विभाग को पैसा नहीं मिला। इन विभागों के 12 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव दिए गए थे।
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