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उमस भरी गर्मी में ट्रिपिंग व कटौती से रूला रही बिजली

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फर्रुखाबाद। उमस भरी गर्मी में लोकल फाल्ट और इमरजेंसी कटौती उपभोक्ताओं को रुला रही है। ओवरलोडिंग के कारण शहरी क्षेत्रों को लगातार एक घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में अधिकांश समय बिजली गुल रहती है।
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दो दिन हल्की बारिश होने से उमस बढ़ गई है। बार-बार लोकल फाल्ट होने से भी कटौती बढ़ गई है। शहर के ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने से बंद हो जा रहे हैं। बुधवार सुबह मोहल्ला भूसामंडी के बंच केबल में फाल्ट आ गया। एक फेस बंद होने से आधे मोहल्ले की बिजली गुल हो गई। करीब दो घंटे बाद बिजली चालू हुई। फतेहगढ़ के ठंडी सड़क, लकूला, कुटरा, जसमई विद्युत उपकेंद्र के फीडर बार-बार ट्रिप होने से बंद होते रहे। इससे दिन में मोहल्लों की बिजली कई बार गुल हुई।
गंगापार क्षेत्र के चार उपकेंद्रों के ट्रांसमिशन से सुबह सात बजे आपूर्ति रोक दी गई। इससे 300 गांवों की बिजली गुल हो गई। नौ बजे उपकेंद्रों को बिजली दी गई। लोकल फाल्टों से सलेमपुर और राजेपुर विद्युत उपकेंद्र ठप रहा। नीबकरोरी उपकेंद्र भी कटौती होने से सुबह सात बजे बंद हो गया। इससे 80 गांवों की बिजली चली गई। शाम तक कई बार इमरजेंसी कटौती और लोकल फाल्टों से गांवों की बिजली अधिकांश समय गुल रही।
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गंगापार क्षेत्र निवासी आदित्य पाठक का कहना है कि इमरजेंसी कटौती और लोकल फाल्टों के कारण अधिकांश समय बिजली गुल रहती है। इससे गर्मी से परेशान रहते हैं।
आदेश तिवारी का कहना है कि सरकार 18 घंटे बिजली देने की बात करती है, लेकिन 10 घंटे भी नहीं मिल रही है। इमरजेंसी कटौती और लोकल फाल्ट इसकी बड़ी वजह हैं।
शमसाबाद के पहाड़पुर निवासी रावेश कुमार का कहना है कि ट्रिपिंग बहुत होती है। हाल यह हैं कि एक घंटे भी लगातार बिजली नहीं आती है। हर घंटे दो से तीन बार कटौती होती है।
ताल के नगरा निवासी नन्हें लाल ने कहा कि तार जर्जर हो गए हैं, इससे फाल्ट बहुत होते हैं। शिकायत करने पर भी जल्द ठीक नहीं होते हैं। इससे बिजली अधिकांश समय गुल रहती है।
‘गर्मी में बिजली की खपत अधिक हो गई है और चोरी भी बढ़ गई है। ओवरलोडिंग से ट्रिपिंग की समस्या पैदा हुई है। इमरजेंसी कटौती भी ओवरलोडिंग के कारण हो रही है। इस समस्या से जल्द निजात दिलाई जाएगी।’ राहुल बाबू कटियार, एक्सईएन ग्रामीण
फर्रुखाबाद। जिले की विद्युत व्यवस्था सुधारने की कवायद पांच साल से कागजों में सिमट कर रह गई। एक से दूसरे पटल तक कागज दौड़ने के बाद फाइलों में दफन हो गए। सामग्री न मिलने से जर्जर तारों को बदलने का काम ठप पड़ा है।
शहर के मोहल्लों में पड़ा बंच केबल जर्जर हो गया है। ग्रामीण इलाकों की 11 केवी एलटी लाइन कई जगह जर्जर होने से झुक गई है। अधिकारी हर साल प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजते हैं, लेकिन स्टोर में सामग्री नहीं आती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एमडी के निर्देश पर अधिकारियों ने जर्जर तार व बंच केबल बदलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा। शहरी एक्सईएन ने 10 हजार मीटर बंच केबल व अन्य सामग्री की मांग की। 10 हजार मीटर के स्थान पर 200 मीटर बंच केबल दिया गया। इस कारण बिजली संकट बना हुआ है।
‘सामग्री के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। सामग्री न मिलने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।’ आरबी यादव, एक्सईएन शहरी
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