फर्रुखाबाद। जिले में खाद की किल्लत के बीच कालाबाजारी का खेल चलता रहा है। शासन स्तन से हुई मॉनीटरिंग में 15 विक्रेताओं द्वारा एक ही किसान को बड़ी मात्रा में खाद बेचने का मामला पकड़ा गया। गड़बड़ी की आशंका पर जिला कृषि अधिकारी ने नौ दुकानों में खाद की कालाबाजारी, जबकि तीन समितियों पर बिना पॉश मशीन खाद बेचे जाने की पुष्टि की। जिला कृषि अधिकारी ने 6 खाद डीलरों के खिलाफ थानों में तहरीर दी। जबकि समिति के सचिवों पर निलंबन व विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
शासन से कृषि निदेशक व अपर मुख्य सचिव ने जिले के टॉप-20 खाद विक्रेताओं का अप्रैल से 31 जुलाई तक यूरिया बिक्री का सत्यापन करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में सीडीओ के आदेश पर 17 अगस्त ऑनलाइन पोर्टल से टॉप-20 उर्वरक विक्रेताओं की सूची निकाली गई। इसमें एक ही किसान को बड़ी मात्रा में खाद बिक्री का मामला पाए जाने पर डीलरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। जिला कृषि अधिकारी ने 15 विक्रेताओं की खाद बिक्री जांच की।
इसमें दो दुकानों पर कम मात्रा में यूरिया की बिक्री मिली, जबकि चार की अभी जांच शेष है। वहीं जांच में कायमगंज के सिकंदरपुर छितवां स्थित मे.एग्री जंक्शन वन स्टाप सेंटर एवं कृषक परामर्श केंद्र से दो किसानों को 18 टन यूरिया बेचे जाने का मामला मिला। वह किसान उस पते पर मिला ही नहीं।
गांव समौदिया बिल्सड़ी स्थित मे.प्रिया खाद भंडार से एक किसान के नाम 18 मीट्रिक टन से अधिक, कमालगंज में मे.एमआई खाद भंडार पतौंजा से 9 मीट्रिक टन, मोहम्मदाबाद के मे.लेखपाल खाद भंडार ईमादपुर केसर से 17.685 मीट्रिक टन, मे.प्रगति ट्रेडर्स रेलवे स्टेशन पखना से 12.105 मीट्रिक टन व ब्लाक बढ़पुर में मे.सांई खाद भंडार हथियापुर से 8.01 मीट्रिक टन खाद एक-एक ही किसान के नाम से बिक्री दिखाई।
किसानों का जो पता लिखा गया उस पते उन नाम का व्यक्ति रहता ही नहीं है। इससे खाद की कालाबाजारी का मामला स्पष्ट हो गया। इसके अलावा साधन सहकारी समिति खिमसेपुर से 18 मीट्रिक टन, साधन सहकारी समिति धीरपुर से 27 मीट्रिक टन व साधन सहकारी समिति पपड़ी खुर्द से 10.63 मीट्रिक टन यूरिया खाद एक ही किसान को बेची गई। यह तीनों किसानों का भी कोई पता नहीं है।