फर्रुखाबाद। वित्तीय वर्ष समापन से पूर्व शिक्षकों के वेतन से इनकम टैक्स की कटौती किए जाने से बेसिक शिक्षा विभाग के चार हजार शिक्षकों का वेतन दो माह से फंसा था। यह समस्या अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने टैक्स कटौती संबंधी कार्रवाई पूरी कर ली। होली से पूर्व सभी शिक्षकों को दो माह का वेतन उनके खातों में भेज दिया गया।
शासन के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को एक से पांच मार्च तारीख तक वेतन देने का आदेश है। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त होगा। इससे शिक्षकों के वेतन से इनकम टैक्स की कटौती कर बीआरसी से वेतन बिल मांगे गए थे। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेेखी के कारण टैक्स कटौती की कार्रवाई कर 25 फरवरी तक शिक्षकों को जनवरी का वेतन नहीं दिया गया।
फरवरी भी समापन की ओर थी। होली का त्योहार होने और वेतन न मिलने से शिक्षक परेशान हो गए। शिक्षकों की इस समस्या को अमर उजाला ने 26 फरवरी के अंक में टैक्स के पेच में चार हजार शिक्षकों का वेतन लटका शीर्षक से प्रकाशित किया। इसको जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संज्ञान में लिया और शिक्षा विभाग के अफसरों से रिपोर्ट मांगी।
विभागीय अफसरों ने टैक्स कटौती संबंधी प्रक्रिया तेजी से शुरू कराई। सभी ब्लाक से शिक्षकों के वेतन से इनकम टैक्स की कटौती कर वेतन बिलों को पास किया गया। होली से पूर्व चार हजार शिक्षकों को जनवरी और फरवरी का वेतन उनके खातों में भेज दिया गया।
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि टैक्स कटौती से मामला फंसा था, जो अब पूरा हो गया है। दो मार्च को सभी शिक्षकों के खाते में दो माह का वेतन भेज दिया गया है।