कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव की 15 वर्षीय किशोरी 13 अप्रैल 2011
को अपने पिता के साथ खेत पर आलू खोदने गई थी। पिता आलू भरकर एक बोरी घर
रखने आए। इसी बीच गांव जिरखापुर निवासी सुदेश अपने भाई मानिक चंद्र, मित्र
रत्नू उर्फ देशराज व काकन नगला निवासी सुनील के साथ खेत पर पहुंचे।
इन्हाेंने किशोरी को जबरन पकड़ लिया। उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। इसी
दौरान किशोरी के पिता अपनी भतीजे के साथ खेत पर पहुंच गए।
यह देख आरोपी
किशोरी का अपहरण कर ले गए। इस मामले की पुलिस को जानकारी दी गई। 14 अप्रैल
को गांव में सूखे पड़े तालाब मेें किशोरी का शव नग्नावस्था में पड़े होने
की जानकारी से गांव में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव का
पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया। पीड़ित पिता ने चारों आरोपियों के खिलाफ
रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल
किया।
अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला
शासकीय अधिवक्ता निर्मल चंद्र कटियार ने दलीलें पेश कीं। मुकदमे की सुनवाई
होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपियों को दोषी करार दिया। आरोपियों को
अलग-अलग अपराधों में सजा व जुर्माने से दंडित किया है। सभी सजाएं एक साथ
चलने का आदेश दिया है।
इस अपराध में यह सुनाई गई सजा और जुर्माना
धारा सजा जुर्माना अतिरिक्त सजा
363 आईपीसी तीन-तीन साल 5-5 हजार रुपये 2-2 माह की
366 आईपीसी पांच-पांच साल 7-7 हजार रुपये 3-3 माह की
376 आईपीसी 10-10 साल 10-10 हजार रुपये 6-6 माह की
302 आईपीसी आजीवन कारावास 20-20 हजार रुपये 1-1 साल की