फर्रुखाबाद। गैंगस्टर एक्ट में दो भाइयों असलम और अरशद समेत चार को 23 साल बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोषी ठहराया। दोषियों को छह-छह साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
इसके अलावा 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। फतेहगढ़ कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रेमपाल सिंह ने गांव नगला रखा देवी सिंह निवासी असलम, अरशद उर्फ टिंचू पुत्रगण आलम शेर के खिलाफ 29 अगस्त 2002 को गैंगस्टर एक्ट में रिपोर्ट लिखाई थी।
अलाउद्दीन व जनपद कन्नौज के गांव दाईपुर निवासी मुकीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने विवेचना पूरी कर चारों के खिलाफ न्यायालय में गैंगस्टर एक्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए चारों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराया।
इस मामले में प्रत्येक दोषी को छह-छह साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसमें कहा गया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।