कमालगंज की ग्राम पंचायत नगला खेम रैंगाई के चार परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प की जांच में 4,06231 रुपये गबन का मामला जांच में पकड़ा गया।
इस पर जिलाधिकारी ने निवर्तमान प्रधान व रिटायर्ड सचिव से रिकवरी करने के आदेश दिए हैं। दोनों को नोटिस दिए गए हैं। नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जनपद के परिषदीय स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के तहत हुए सुंदरीकरण में जमकर मनमानी की गई है। इसमें लाखों रुपये के दुरुपयोग के मामले सामने आने लगे हैं।
कमालगंज की ग्राम पंचायत नगला खेम रैंगाई स्थित परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प के तहत हो रहे कार्यों का बीडीओ राजेश बघेल ने निरीक्षण किया तो अनियमितता सामने आई।
अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्य का अधिक भुगतान किया गया था। बीडीओ की जांच आख्या पर तत्कालीन सीडीओ डॉ.राजेंद्र पैंसिया ने एक फरवरी को डीआरडीए के परियोजना निदेशक व सहायक अभियंता की जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी की जांच में निवर्तमान प्रधान व सचिव (अब रिटायर्ड) को चार लाख छह हजार 231 रुपये सरकारी धन के दुरुपयोग में दोषी पाया गया है।
अब जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने निवर्तमान प्रधान सानू देवी व रिटायर्ड सचिव सुरेश पाल को नोटिस जारी कर दिया है।
इसमें प्राथमिक विद्यालय नगला खेम रैंगाई में अतिरिक्त कक्ष की मरम्मत व टाइल में 142654 रुपये, झूला कार्य में 7285 रुपये, चहारदीवारी व गेट निर्माण में 10550 रुपये, उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन की मरम्मत में 57,734 रुपये, पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दरवाजे व खिड़की के कार्य में 1,05,503 रुपये, प्राथमिक विद्यालय दलेलनगर में अतिरिक्त कक्षा कक्ष मरम्मत कार्य, इंटरलाकिंग, खिड़की दरवाजा मरम्मत आदि पर 41005 रुपये व ग्राम सभा में मेज, कुर्सी, टेंट, सीलिंग जैसे कार्यों पर 41500 रुपये का दुरुपयोग दर्शाया गया है।
जिलाधिकारी ने 15 दिन में संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने पर एफआईआर दर्ज कराते हुए भूराजस्व की तरह वसूली कराने का अल्टीमेटम दिया है।