गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने और विद्यालय खुलने में चार दिन बाकी हैं।
अभी तक अधिकांश स्कूलों की रंगाई पुताई और साफ सफाई नहीं हुई है। स्कूलों
के परिसर में गदंगी का अंबार लगा है। दीवारों के पास बड़ी-बड़ी घास उगी है।
शौचालयों की दुर्दशा है। कहीं शौचालयों के ऊ पर पानी की टंकी नहीं है, तो
कहीं शौचालयों के गेट टूटे हैं। छुट्टियों के आगे शिक्षक सफाई कराना भूल गए
हैं।
प्राथमिक विद्यालय, नैगवां
शमसाबाद
के प्राइमरी विद्यालय नैगवां के एक कमरे का ताला टूटा पड़ा है। यहां
कमरों की दीवारों पर रंगाई पुताई नहीं कराई गई है। मैदान में चारों और
कूड़ा करकट फैला हुआ है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, नैगंवा
स्कूल के
कमरों में रंगाई पुताई नहीं हुई है। यहां बने शौचालयों की स्थिति खस्ताहाल
है। शौचालयों की दीवारें बनी हुई है। इसमें गेट और सीट अभी तक नहीं लगाई गई
है।
कन्या प्राथमिक विद्यालय, कमालगंज
गर्मी
की छुट्टियों में विद्यालय के कमरों में रंगाई पुताई कराने की शिक्षक ने
सुधि नहीं ली। इस कारण भवन बिना रंगाई पुताई का पड़ा हुआ है। शौचालय बना
है। इसके ऊ पर पानी की टंकी नहीं है। सिर्फ पाइप लाइन पड़ी हुई है।
प्राथमिक विद्यालय, कमालगंज
बीआरसी
कमालगंज के प्रांगण में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक और कन्या पूर्व
माध्यमिक विद्यालय संचालित होते हैं। तीनों विद्यालयों के भवन की रंगाई
पुताई के लिए बजट भेजा गया था। अभी तक आधी अधूरी रंगाई पुताई कराई गई है।
यहां बने शौचालयों में से दो टूटे पड़े हैं। दीवारों के किनारे घास उग आई
है। इसकी सफाई नहीं कराई गई। मैदान में गंदगी है।
प्राथमिक विद्यालय इकलहरा, कंपिल
विद्यालय
भवन की पुताई न होने के कारण दीवारों का रंगा भद्दा पड़ गया है। दीवारों
के किनारे घास जमी हुई है। इसकी सफाई न होने के कारण गंदगी फैली हुई है।
प्राथमिक विद्यालय, मंतपुर कंपिल
विद्यालय
भवन की रंगाई पुताई न होने के कारण बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि
शिक्षक के यदा कदा आने के कारण विद्यालय कम खुलता है। इसमें शौचालय की कोई
व्यवस्था नहीं है। बच्चों को विद्यालय छोड़कर घर जाना पड़ता है।
प्राथमिक विद्यालय, गंगपुरशाहपुर कंपिल
बीएसए
कार्यालय से भेजे गए रंगाई पुताई के धन से विद्यालय भवन की पुताई नहीं
कराई गई। यहां बना शौचालय जर्जर हो गया है। शौचालय खराब होने के कारण बंद
रहता है।
धन भेजने की यह है व्यवस्था
प्राथमिक स्तर
पर तीन कक्षों तक की रंगाई पुताई के लिए 5000 रुपये। इसके अतिरिक्त कक्षों
के लिए 1500 रुपये प्रति कक्ष के हिसाब से भेजने का प्रावधान है। जूनियर
स्तर के स्कूलों में चार कक्षों तक रंगाई पुताई के लिए 6500 रुपये भेजने का
नियम है। अगर कहीं चार से अधिक अतिरिक्त कक्ष बने हैं तो 1500 रुपये प्रति
कक्ष के हिसाब से धन भेजा जाना है। अधिकतम 10 हजार रुपये तक ही भेजा जा
सकता है।
अप्रैल में भेजा गया था बजट
प्राथमिक एवं पूर्व
माध्यमिक विद्यालयों की रंगाई पुताई के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत
वर्ष 2014-2015 का बजट अप्रैल 2015 के प्रारंभ में आया था। जिला बेसिक
शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों में नियमानुसार धन भेजा था। 15 मई
तक रंगाई पुताई कराए जाने का आदेश दिया था। अधिकांश स्कूलों में रंगाई
पुताई नहीं कराई गई।
वर्जन
स्कूलों की रंगाई पुताई और शौचालयों के
निर्माण काम शीघ्र पूरा कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस दिए
हैं। 28 जून को सभी बीईओ की बैठक बुलाई है। इसमें रंगाई पुताई और शौचालय
निर्माण की समीक्षा की जाएगी।
योगराज सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी